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हड़ताल के चलते दिल्ली में शिशु स्वास्थ्य सेवाएं ठप!…महिला कर्मी 34 दिनों से हैं हड़ताल पर

रमेश ठाकुर / नई दिल्ली

हड़ताल के चलते दिल्ली में बीते 34 दिनों से शिशू स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से ठप हैं। बच्चों का टीकाकरण, प्री-स्कूल शिक्षा व पोषाहार का वितरण नहीं हुआ है। पोलियो अभियान पर भी ब्रेक लग गया। शिशू स्वास्थ्य की जिम्मेदारी आंगनबाडी वर्करों पर है जो पिछली 31 जनवरी से लगातार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। सरकार उनसे बात नहीं करना चाहती और यूनियन हड़ताल खत्म करने के मूड़ में नहीं है जिसके चलते दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। आंगबाड़ी कर्मी अपनी सुविधाओं और वेतनवृद्वि जैसे मांगों को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास के समीप धरने पर हैं।

बता दें, हडताल की अगुआई करने वाली दिल्ली स्टेट आंगनवाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर यूनियन की अध्यक्षा शिवानी कौल ने कहा कि बच्चों को विभिन्न तरह के टीकाकरण करना व पोषाहार वितरण की जिम्मेदारी दिल्ली की 22 हजार आंगनबाड़ियों के कंधों पर होती है, जो वर्षों से मामूली वेतन और सीमित संशाधनों में काम करती हैं। लेकिन उनकी सुविधाओं पर सरकार कतई गौर नहीं कर रही। उन्हीं विभिन्न मांगों को लेकर महिलाकर्मी हड़ताल पर हैं। शिवानी ने बताया कि यूनियन से ना केजरीवाल बात कर रहे और ना उनका कोई मंत्री मिलने आ रहा।

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