मुख्यपृष्ठनए समाचार१०० पुराने पेड़ नहीं कटेंगे!

१०० पुराने पेड़ नहीं कटेंगे!

सामना संवाददाता / मुंबई

सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई हाई कोर्ट के एक पैâसले को रद्द किया है। अब १०० साल पुराने पेड़ नहीं कटेंगे। इन पेड़ों को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट को अपनी विशेष शक्ति का इस्तेमाल करना पड़ा। दरअसल, शिर्डी में जमीन को लेकर लैंड ऑनर, प्लॉट होल्डरों और नगर पंचायत के बीच विवाद चल रहा था। इस जमीन पर कई ऐसे पेड़ लगे हैं, जो १०० साल से भी ज्यादा पुराने हैं। हालांकि, नगर पंचायत यहां पर स्विमिंग पूल और अन्य निर्माण करवाना चाहता था। जस्टिस बीआर गवई और एसवीएन भट्टी की बेंच ने सुनवाई करते हुए २०१९ के मुंबई हाई कोर्ट के पैâसले को रद्द कर दिया।
कोर्ट ने कहा कि एमेनिटी स्पेस के लिए आरक्षित भूमि पर १०० साल से भी ज्यादा पुराने पेड़ लगे हैं। यहां के भूमि मालिकों का कहना है कि अगर उस क्षेत्र को छोड़ दिया जाए तो उसके बदले वे कहीं और जमीन देने को तैयार हैं। यह बात तर्कपूर्ण है। १०० साल पुराने पेड़ों को बचाने के लिए आर्टिकल १४२ का प्रयोग करके भूमि मालिकों को यह मंजूरी दी जा रही है।
गौरतलब है कि मुंबई हाई कोर्ट ने इस मामले में सरकारी नोटिफिकेशन का हवाला देते हुए आदेश दिया था कि नगर पंचायत सीमित निर्माण कर सकता है। इसे नो डेवलपमेंट जोन से सरकार ने रेजिडेंशियल जोन बना दिया था, वहीं नगर पंचायत को ज्यादा जगह की जरूरत थी। वह स्विमिंग पूल और इंडोर गेम हॉल बनाना चाहता था। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि भूमि मालिकों ने राहत के लिए हाई कोर्ट जाने में देरी की। सरकारी नोटिस के १४ दिन बाद वे हाई कोर्ट पहुंचे थे। हालांकि, शीर्ष न्यायालय ने यह भी कहा कि जब सिविल लिटिगेशन से उन्हें राहत नहीं मिली होगी, तब वे हाई कोर्ट पहुंचे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर लैंड ओवर यूटिलिटी परपज से बिना कोई कीमत लिए अलग जमीन देने को तैयार हैं तो इसमें कोई बुराई नहीं है। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि कोई भी पार्टी एक साथ ही दो रेमेडी हासिल नहीं सकती। कोर्ट ने आर्टिकल १४२ का प्रयोग किया, ताकि पेड़ों को बचाया जा सके।

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