मुख्यपृष्ठनए समाचारलपेटे में आए १३ शिक्षाधिकारी, जनप्रतिनिधियों व शिक्षकों को बता दिया 'एंटी...

लपेटे में आए १३ शिक्षाधिकारी, जनप्रतिनिधियों व शिक्षकों को बता दिया ‘एंटी सोशल’!

– विधान परिषद की विशेषाधिकार समिति में जाएगा मामला

विक्रम सिंह / सुल्तानपुर

यूपी में अयोध्या परिक्षेत्र के सुल्तानपुर जिले में शिक्षाधिकारियों के बड़बोलेपन से बवाल मच गया है। राजपत्रित श्रेणी में आने वाले खंड शिक्षाधिकारियों ने डीएम को ज्ञापन देकर जनप्रतिनिधियों और शिक्षक संगठनों पर हमला बोल उन्हें परोक्ष रूप से ‘असामाजिक तत्व’ ही कह डाला। साथ ही स्वयं प्रशासन का अंग होते हुए भी उसकी कार्यशैली पर बड़ा इल्जाम लगा दिया है। फिलहाल, अब मामले ने तूल पकड़ लिया है। शिक्षक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने शिक्षाधिकारियों के इस बड़बोले बेतुके बयान की कड़ी निंदा कर शासन से कार्रवाई की मांग की है। भाजपा एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने तो प्रकरण को विधान परिषद की विशेषाधिकार समिति के सामने पेश करने का मन बना लिया है।
बता दें कि सुल्तानपुर में एक सरकारी जूनियर हाईस्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक सूर्यप्रकाश द्विवेदी ने कुछ दिनों पूर्व जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी। इस मामले में सुसाइड नोट और परिवारजनों के बयानों के अनुसार, बीईओ मनोजीत राव पर मानसिक प्रताड़ना और खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोप लगा है, जिस पर पुलिस ने प्रशासन के मौखिक निर्देश पर बीईओ को आरोपी मानते हुए दिवंगत शिक्षक के बेटे की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की थी, तभी से जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात खंड शिक्षाधिकारीगण नाराज हो गए। यही नहीं इसी नाराजगी में वो डीएम को ज्ञापन तक देने जा पहुंचे। लिखित रूप से शिक्षाधिकारियों ने दर्ज की गई एफआईआर के लिए प्रशासन पर असामाजिक तत्वों के दबाव में काम करने की तोहमत मढ़ी, चूंकि जिले के कई विधायकों और सांसद और शिक्षक संगठनों के नेताओं ने शिक्षाधिकारी के खिलाफ एफआईआर की मांग की थी। अतः वे सभी शिक्षाधिकारियों के इस बेतुके बयान पर खास नाराज हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ के दोनों धड़ों के अध्यक्षों दिलीप पांडेय और राजेंद्र पांडेय सहित अनेक नेताओं ने इस कृत्य को सरकारी कर्मचारियों के आचरण और सेवा नियमावली का उल्लंघन बताते हुए अफसरों पर एक्शन की मांग डीएम से की। वहीं एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह और देवेंद्र प्रताप सिंह ने मामला सदन तक ले जाने की बात कही है।

अन्य समाचार