मुख्यपृष्ठटॉप समाचार२६/११ की १५वीं बरसी, फिर खतरे में समुद्री सुरक्षा!

२६/११ की १५वीं बरसी, फिर खतरे में समुद्री सुरक्षा!

 हमले के बाद खरीदी गई थीं ३० बोट… अधिकांश हो चुकी हैं खराब
 फाइल में नई बोट खरीदने का प्रस्ताव… किराए की बोट से नई मुंबई में गश्त

नागमणि पांडेय / मुंबई
आज मुंबई पर हुए २६/११ के हमले की १५वीं बरसी है। हमले के बाद मुंबई और आसपास के समुद्री तटों की सुरक्षा के लिए सरकार ने पुलिस को ३० बोट दी थीं। मगर आज हालत यह है कि इनमें से अधिकांश बोट खराब हो चुकी हैं, जिससे मुंबई की सुरक्षा पर फिर खतरा मंडरा रहा है।
मुंबई पुलिस के बेड़े में शामिल २३ बोटों में से सिर्फ आठ बोटों का इस्तेमाल हो रहा है। १३ बोट बिना मरम्मत के किनारे पड़ी हैं। इसके बावजूद पुलिसकर्मी इन बोटों के माध्यम से सुरक्षा करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बावजूद सरकार इस तरफ ध्यान नहीं दे रही है। इसी तरह नई मुंबई में समुद्री सुरक्षा के लिए तैनात सात बोटों में खराबी आने के कारण पिछले कई वर्षों से मरम्मत के इंतजार में खड़ी हैं। जबकि वहां किराए के बोट से सुरक्षा का काम किया जा रहा है।
बता दें कि मुंबई में हुए २६/११ आतंकी हमले के बाद मुंबई सहित इससे लगे समुद्री किनारों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया था। इसमें मुंबई से लेकर कोकण तक की समुद्री किनारों को प्राथमिकता दी गई थी, क्योंकि मुंबई से कोकण तक १४४ किमी की समुद्री सीमा लगी हुई है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इस समुद्री सुरक्षा को रामभरोसे छोड़ दिया गया है। वर्ष २०१८ से ही नई मुंबई की सातों बोट मरम्मत के इंतजार में बेलापुर के पास खड़ी हैं। इसमें से एक बोट पूरी तरह से खराब हो चुकी है। बाकी की बोट मरम्मत के इंतजार में हैं। इसके साथ ही मुंबई पुलिस के बेड़े में शामिल २३ बोटों को १२ वर्ष से अधिक पुरानी हो चुकी हैं और नियमत: उनका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मुंबई पुलिस ने इन बोटों की आधुनिक तरीके से मरम्मत कर, इनकी उम्र बढ़ाने पर जोर दिया है। जैसे ही बोट ‘मुंबई-२’ को अच्छा रिस्पॉन्स मिलना शुरू हुआ, अब १३ और बोटों को आधुनिक सिस्टम से मजबूत किया जाएगा। फिलहाल, दो बोटों की मरम्मत करने का काम चल रहा है। ऐसे में समुद्री रास्ते की सुरक्षा कैसे करें? यह सवाल पुलिसकर्मियों के सामने है। अब देखना यह है कि कब तक ये बोट बनकर सुरक्षा में तैनात होती हैं। मुंबई पुलिस के नौका विभाग के डीसीपी निंबा पाटील ने बताया कि मुंबई पुलिस के बेड़े में शामिल नाव ‘मुंबई-२’ को आधुनिक उपकरणों से लैस किया गया है। इस बोट में नया इंजन लगाया गया है, इसलिए १० से १५ नॉटिकल मील की रफ्तार से चलने वाली इस बोट की क्षमता बढ़ गई है और नए इंजन के कारण यह बोट अब ३० से ३५ नॉटिकल मील की रफ्तार से गश्त कर रही है। इसके अलावा इस बोट के रडार सिस्टम और अन्य पहलुओं को भी अधिक कुशल बनाया गया है और इसके कारण इसकी उम्र  सात से आठ साल तक बढ़ गई है।

ठेकेदार द्वारा बोट में हेराफेरी 
मुंबई पुलिस को दिए गए २३ स्पीड बोट के रख-रखाव के दौरान ठेकेदारों द्वारा १३ स्पीड बोटों के इंजन बदलकर पुराने और कमजोर इंजन लगा दिए गए थे। इसकी जानकारी होने पर मुंबई पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामला आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दिया। इस मामले में अभी जांच शुरू है। इस बीच मुंबई पुलिस की तरफ से २२ बोटों की खरीदारी के लिए गृह विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें १२ का इस्तेमाल समुद्री किनारों की गश्ती के लिए किया जाएगी, इनमें आठ इंटरसेप्टर और दो होवरक्राफ्ट हैं।

अन्य समाचार