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उबालेगा २०२३! …अल नीनो मचा सकता है भीषण तबाही

१.५डिग्री बढ़ सकता है विश्व का तापमान
जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव के चलते २०२३ में अल नीनो भीषण तबाही मचा सकता है। १.५ डिग्री तापमान दुनियाभर में बढ़ सकता है। दुनिया के तापमान को लेकर वैज्ञानिकों ने फिर अलर्ट जारी किया है। अब अनुमानित अल नीनो के प्रभाव को लेकर वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इस साल के अंत में अल नीनो जलवायु घटना की वापसी के कारण वैश्विक तापमान बढ़ जाएगा और भीषण हीटवेव पैदा करेगा। शुरुआती पूर्वानुमान बताते हैं कि अल नीनो २०२३ के बाद फिर वापस आएगा और यह दुनियाभर में तापमान बढ़ा देगा। रिपोर्ट के अनुसार वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि ‘अल नीनो’ के कारण बहुत संभावना बन जाएगी कि दुनिया १.५ डिग्री की वार्मिंग को पार कर जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार अल नीनो का प्रभाव २०१६ में भी देखने को मिला था। अल नीनो के कारण ही २०१६ इतिहास में दर्ज सबसे गर्म वर्ष था। उस साल अल नीनो के कारण भीषण गर्मी पड़ी थी।
क्या है अल नीनो?
अल नीनो एक जलवायु पैटर्न है। यह प्रशांत क्षेत्र में समुद्र के तापमान और हवाओं द्वारा संचालित एक प्राकृतिक दोलन का हिस्सा है। अल नीनो, इसके समकक्ष शीत अवस्था ला नीना और तटस्थ स्थितियों के बीच स्विच करता है। पिछले तीन वर्षों में लगातार ला नीना की घटनाओं का असामान्य क्रम देखा गया है। इस वर्ष यानी २०२३ पहले से ही २०२२ से अधिक गर्म होने का अनुमान है। अल नीनो उत्तरी गोलार्ध की सर्दियों के दौरान होता है और इसके ताप प्रभाव को महसूस करने में महीनों लगते हैं, जिसका अर्थ है कि २०२४ में एक नया वैश्विक तापमान रिकॉर्ड स्थापित करने की अधिक संभावना है।
जून तक होगी तस्वीर साफ
वैज्ञानिकों ने चेतावनी जारी कर कहा कि मानव गतिविधियों द्वारा उत्सर्जित ग्रीनहाउस गैसों ने औसत वैश्विक तापमान को आज तक लगभग १.२ डिग्री तक बढ़ा दिया है। इसने पहले ही दुनियाभर में भयावह प्रभाव डाला है। पर्यावरण के साथ छेड़छाड़ के कारण अमेरिका और यूरोप में भीषण गर्मी से लेकर पाकिस्तान और नाइजीरिया में विनाशकारी बाढ़ तक, लाखों लोगों को नुकसान हो रहा है। यूके मेट ने कहा कि यह बहुत संभावना है कि अगला बड़ा अल नीनो तापमान को १.५ डिग्री से अधिक ले जा सकता है। हालांकि संभावित अल नीनो का पैमाना अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है लेकिन यह अनुमान लगाया जा रहा है कि २०२४ में अल नीनो के कारण भीषण गर्मी पड़ सकती। वैज्ञानिकों ने कहा है कि अल नीनो को लेकर जून तक तस्वीर साफ हो जाएगी।

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