मुख्यपृष्ठसमाचारब्रेस्ट कैंसर की शिकार हैं २५-३० प्रतिशत महिलाएं!

ब्रेस्ट कैंसर की शिकार हैं २५-३० प्रतिशत महिलाएं!

-कामा अस्पताल में १० महीनों में ६,३०९ की हुई स्क्रीनिंग

धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई

ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में आम है। यह कैंसर तब तक महसूस नहीं होता है, जब तक कि ट्यूमर बड़ा न हो जाए या फिर उसे महसूस न किया जा सके। फिलहाल, बीमारी की रोकथाम के लिए सरकारी स्तर पर कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मुंबई का कामा अस्पताल ब्रेस्ट कैंसर को शुरू में ही पकड़ने की कोशिश कर रहा है। बीते १० महीनों से शुरू ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेश क्लिनिक के माध्यम से ६,३०९ महिलाओं की स्क्रीनिंग की गई। इसमें चार महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की पुष्टि हुई है, जबकि १९० में गांठ मिला है। फिलहाल, सभी का इलाज किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि दुनियाभर में ब्रेस्ट कैंसर के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। हिंदुस्थान में २५ से ३२ प्रतिशत महिलाएं ऐसी हैं, जो ब्रेस्ट कैंसर का शिकार हो रही हैं। प्रत्येक एक लाख में से लगभग १३ महिलाएं ऐसी हैं, जिनकी ब्रेस्ट कैंसर से मौत हो जाती है। कामा अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. तुषार पालवे ने कहा कि महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का पता लगाने के लिए मेरे और डॉ. सोहेल शेख के नेतृत्व में ओपीडी में अलग से क्लिनिक शुरू किया गया है। इसमें कुल ६,३०९ महिलाओं की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें चार महिलाओं में कैंसर की पुष्टि हुई, जबकि १९० में गांठ मिला है। इसके बाद उन्हें आगे की जांच के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक महिलाओं की स्क्रीनिंग अगस्त महीने में हुई। इस माह में २०९४ महिलाओं में से २१ में गांठ मिला। इसी तरह जून में ५७८ महिलाओं में से २१ और जुलाई में ४९१ महिलाओं में से २४ में गांठ मिला।
किया गया मैमोग्राफी
डॉ. पालवे ने कहा कि ब्रेस्ट एग्जामिन करने के लिए करवाए जानेवाले लो एनर्जी एक्स-रे को मेमोग्राफी कहा जाता है। मैमोग्राफी का मकसद बेस्ट कैंसर की संभावना को जल्द डिटेक्ट करना होता है, जिसका पता माइक्रो कैल्सीफिकेशन के जरिए लगाया जाता है। हाई रिस्क मरीजों को एमआरआई की सलाह दी जाती है। इस तकनीक का इस्तेमाल करके अस्पताल में ब्रेस्ट कैंसर के मरीजों का पता लगाया जा रहा है।
ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण
डॉ. पालवे ने कहा कि अगर ब्रेस्ट या उसके बगल में गांठ है तो यह ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। इसके अलावा ब्रेस्ट के साइज और शेप में बदलाव, मटर के दाने जितनी गांठ महसूस होना, अंडरआर्म में एक गांठ होना, स्तन या निप्पल की त्वचा के रंग में बदलाव, त्वचा गड्ढेदार, सिकुड़ी हुई, पपड़ीदार या सूजी हुई दिखना, निप्पल लाल, बैंगनी या गहरा रंग का दिखना, निप्पल से धब्बा या कोई तरल पदार्थ निकलना आदि लक्षण हैं।
इस कारण होता है कैंसर
अगर आपके माता-पिता, भाई-बहन, बच्चे या अन्य करीबी रिश्तेदारों को ब्रेस्ट कैंसर है तो आपको यह बीमारी होने का खतरा है। ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित १५ फीसदी लोगों में यह रोग विकसित होता है, क्योंकि उन्हें यह जेनेटिक म्यूटेशन विरासत में मिला होता है। स्मोकिंग या तंबाकू का इस्तेमाल ब्रेस्ट कैंसर सहित कई अलग-अलग प्रकार के कैंसर से जुड़ा हुआ है। शोध से पता चलता है कि अल्कोहल युक्त ड्रिंक पीने से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। अधिक वजन भी ब्रेस्ट कैंसर के प्रमुख कारणों में से एक है। इसके अलावा वायरल इंफेक्शन और प्रदूषण भी एक कारण बनता जा रहा है।

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