मुख्यपृष्ठसमाचारबुखार से ३ की मौत, २० लोग बीमार, भयभीत गांव में स्वास्थ्य...

बुखार से ३ की मौत, २० लोग बीमार, भयभीत गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम भी नहीं पहुंची!

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
सीतापुर जिले के रेउसा विकासखंड के सेवता गांव और रामकोट में २४ घंटे के अंदर बुखार से तीन लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि २० से अधिक लोग बुखार से बीमार चल रहे हैं। गांव में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अब तक कोई टीम नहीं पहुंची है। इस वजह से ग्रामीण झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराने को मजबूर हो रहे हैं। इस संदर्भ में जब सीतापुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ़ मधु गैरौला से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। जानकारी के अनुसार सेवता गांव का विनीत यादव (१७) तीन दिनों से बुखार से पीड़ित था। परिजनों ने पहले उसका निजी अस्पताल में इलाज करवाया। हालत में सुधार न होने पर परिजन उसे लेकर लखनऊ के बलरामपुर चिकित्सालय पहुंचे थे, जहां रविवार देर रात उसकी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक लखनऊ में चिकित्सकों ने दिमागी बुखार होने की बात कही थी, वहीं गांव के अहमद के चार वर्षीय पुत्र अजीज अहमद को उल्टी दस्त हो रहे थे। साथ ही तेज बुखार बना हुआ था। वह सीएचसी ले जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान उसकी मौत हो गई। यहां गांव में बुखार से दो लोगों की मौत के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। ग्रामीण मामूली बुखार आने पर सहमे जा रहे हैं। इसके अलावा सावित्री (६५), नंदिनी (८), काजल (१५), अहिंसक (१९), अयोध्या पोरवाल (४५) सहित अन्य २० लोग गांव में बुखार से परेशान हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सेवता प्रभारी डॉ. तेज प्रताप ने बताया गांव में बुखार फैलने की जानकारी नहीं है। टीम भेजकर ग्रामीणों की जांच करवाकर इलाज किया जाएगा। सीएचसी मिश्रिख के ढलिया गांव में बुखार का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। सोमवार को एक बच्चे की बुखार के चलते मौत हो गई लेकिन स्वास्थ्य विभाग की तरफ से गांव की अनदेखी की जा रही है। रामगुलाम (७) को कई दिन से बुखार आ रहा था। तबीयत ज्यादा खराब होने पर परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। एक सप्ताह के अंदर गांव में बुखार से मरनेवालों की संख्या चार हो गई है। बता दें कि दो दिन पहले राज्य के उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य विभाग के मुखिया ने जिले में दौरा किया था, तब अस्पताल के वॉर्ड में पंखे बंद मिले थे। उन्होंने तत्काल पंखे बदलने के निर्देश दिए थे लेकिन समाचार लिखे जाने तक खबर मिली कि पंखे नहीं बदले गए। यहां उपमुख्यमंत्री के निर्देशों की भी अवहेलना हो रही है।

अन्य समाचार