मुख्यपृष्ठसमाचारयूपी के कारागारों में ३० फीसदी बंदी डिप्रेशन में जेलों में कैदी

यूपी के कारागारों में ३० फीसदी बंदी डिप्रेशन में जेलों में कैदी

  • फोड़ रहे हैं सिर!

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
गोरखपुर सहित यूपी की जेलों में बंद ३०फीसदी से ज्यादा बंदी डिप्रेशन के शिकार हैं। इनमें वे बंदी शामिल हैं, जिनसे उनके परिवार के लोग मिलने नहीं आते या फिर जेल आने से पहले उनका अच्छा बैकग्राउंड रहा है। वह यहां आते ही अपराधियों और माफिया के बीच अजीबोगरीब हरकतें कर रहे हैं। गोरखपुर जेल में बंद कोई कैदी पेड़ पर चढ़ जाता है, तो कोई दीवार पर सिर मार लेता है। इसे देखते हुए गोरखपुर सहित यूपी की ६ जेलों में ऐसे बंदियों की काउंसिलिंग शुरू कराई गई है। इसकी जिम्मेदारी गोरखपुर की ‘स्माइल टीम’ को दी गई। स्माइल टीम को अब लखनऊ, आगरा, अयोध्या, गाजियाबाद और प्रयागराज जेल के बंदियों की काउंसिलिंग की जिम्मेदारी दी है।
कभी हंसता तो कभी करता है सैल्यूट
चौरीचौरा का रहने वाला एक बंदी गोरखपुर जेल में ढाई साल से बंद है। उस पर अपनी मां की हत्या का आरोप है। जेल प्रशासन के मुताबिक यहां आने के बाद कुछ दिनों तक तो वह गुमसुम रहता था। मगर फिर अजीबोगरीब हरकतें करने लगा। वह इस कदर मानसिक तनाव से गुजर रहा था कि रोज १४ कपड़े पहने रहता था। कभी हंसता, तो कभी जेल अधिकारियों को सैल्यूट करता। ढेर सारे कपड़े पहनने की वजह से उसे स्किन रोग भी हो गया।
जेल में चिल्लाता है खूंखार बंदी
करीब दो साल से गोरखपुर जेल में हत्या और लूट के आरोप में बंद एक बंदी रात में जोर-जोर से चिल्लाता है। ४ बार वह लंबी-लंबी जेल काट चुका है। इस बार अपने पिता की हत्या कर जेल आया है। इस खूंखार बंदी की जेल में मानसिक रोग की भी दवा चल रही है। साथ ही उसकी हरकतों में भी सुधार आया है।
डिप्रेशन का शिकार हुआ गोल्ड मेडलिस्ट
फिजिक्स से गोल्ड मेडल पाने वाला एक युवक भी हत्या के आरोप में जेल में बंद है। उससे कोई मिलने नहीं आता है। इस वजह से वह डिप्रेशन का शिकार हो गया था। जेल में कहीं भी किनारे अकेले बैठे-बैठे वो अपने में बड़बड़ाता रहता था। कभी दीवार में सिर मारता था। महानिदेशक कारागार आनंद कुमार ने बताया कि जेलों में ज्यादातर बंदी डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं। ऐसे बंदियों को काउंसिलिंग की जरूरत है। स्माइल टीम की काउंसिलिंग से गोरखपुर जेल के बंदियों में काफी सुधार देखने को मिला। इसे देखते हुए स्माइल टीम को यूपी की ५ प्रमुख जेलों में काउंसिलिंग करने की जिम्मेदारी दी गई है।
स्माइल टीम को दी गई जिम्मेदारी
गोरखपुर के जेल अधीक्षक ओपी कटियार ने बताया कि जेल में बंद ३० फीसदी से ज्यादा बंदियों की स्थिति मानसिक रोगियों जैसी हो गई है। जेल की तरफ से इनका इलाज कराने की बात तो कही जा रही है मगर स्माइल रोटी बैंक के आजाद पांडेय ने अप्रैल महीने से गोरखपुर जेल में बंदियों की काउंसिलिंग शुरू की थी।

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