मुख्यपृष्ठनए समाचार३४.८ फीसदी मनरेगा श्रमिक एबीपीएस अयोग्य गरीबों के लिए पीएम का क्रूर तोहफा

३४.८ फीसदी मनरेगा श्रमिक एबीपीएस अयोग्य गरीबों के लिए पीएम का क्रूर तोहफा

सामना संवाददाता / दिल्ली 

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मनरेगा मजदूरी भुगतान के लिए एबीपीएस (सीधे खाते में भुगतान) का इस्तेमाल करने में श्रमिकों, चिकित्सकों और शोधकर्ताओं द्वारा उजागर की गई कई चुनौतियों के बावजूद मोदी सरकार ने प्रौद्योगिकी के साथ अपने विनाशकारी प्रयोगों को जारी रखा है। उन्होंने आरोप लगाया मनरेगा के लिए आधार आधारित भुगतान प्रणाली (एबीपीएस) के जरिए भुगतान को अनिवार्य करने के लिए तय समय सीमा का पांचवां विस्तार ३१ दिसंबर, २०२३ को खत्म हो गया। लेकिन फिर भी लगभग ११ करोड़ लोग इस सुविधा से वंचित हैं। कुल २५.६९ करोड़ मनरेगा श्रमिकों में से १४.३३ करोड़ को सक्रिय श्रमिक माना जाता है। इनमें लगभग ११ करोड़ लोग इस सुविधा से कनेक्ट नहीं हो पाएं हैं।

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