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शिंदे गुट के ४० विधायक बनना चाहते हैं मंत्री! कैसे होगा मंत्रिमंडल का विस्तार?

  • अपना पत्ता कटते ही दौड़ने लगे पूर्व मंत्री
  • मंत्रिमंडल में रहेगा भाजपा का वर्चस्व

सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री और देवेंद्र फडणवीस को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लिए करीब एक महीने हो रहे हैं लेकिन अभी तक कैबिनेट का गठन नहीं हो पाया है। इसके संबंध में सवाल पूछे जाने पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यही कह रहे हैं कि जल्द से जल्द कैबिनेट  का विस्तार किया जाएगा, वहीं उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक तारीख निर्धारित करने से इनकार कर दिया लेकिन यह कहा कि मंत्रियों को विभागों को जल्द ही आवंटित किया जाएगा। बताया जाता है कि मंत्रिमंडल विस्तार में देरी के लिए एकनाथ शिंदे गुट के सामने ‘आंतरिक अशांति’ जिम्मेदार है। सूत्रों के मुताबिक शिवसेना के बागी विधायक जो शिंदे गुट में गए हैं सभी की महत्वाकांक्षा मंत्री बनने की है, जिसे पूरा कर पाना शिंदे के लिए संभव नहीं है। इसके अलावा मंत्रिमंडल में संख्या बल के आधार पर मंत्रिमंडल में भाजपा का वर्चस्व रहेगा, यह भी स्पष्ट है। इतना ही नहीं शिंदे गुट में गए पूर्व मंत्री अब्दुल सत्तार जैसे कई पूर्व मंत्रियों का मंत्रिमंडल के विस्तार में पत्ता कटने के कयास लगाए जा रहे हैं। यही कारण है कि अब्दुल सत्तार सहित कई पूर्व मंत्री अपना मंत्री पद पक्का करने के लिए दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र तक अपने आकाओं के यहां भाग-दौड़ कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि भाजपा अभी वेट एंड वाच की स्थिति में है। पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि हमें काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। शिंदे गुट पर नजर डालें तो वहां ५० विधायक हैं। इनमें ४० विधायक शिवसेना के हैं। हर कोई मंत्री बनना चाहता है। कुल मिलाकर महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री सहित ४३ मंत्री हो सकते हैं। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि असली शिवसेना कौन है या सदस्यों की अयोग्यता से संबंधित मामला सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित है। मामले की सुनवाई १ अगस्त को सूचीबद्ध है। उसके बाद ही मंत्रिमंडल के विस्तार पर निर्णय लिया जा सकता है।
भाजपा के एक पूर्व मंत्री ने कहा कि समस्या शिंदे गुट तक ही सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि १०६ विधायकों वाली भाजपा एक बड़ी पार्टी है। इसे सेकंडरी भूमिका निभाते हुए नहीं देखा जा सकता। इसके समर्थन के बिना शिंदे गुट महाराष्ट्र पर शासन नहीं कर सकता। भाजपा के सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय  गृहमंत्री अमित शाह की राज्य मंत्रिमंडल को तैयार करने में और मंत्री पद के उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करने से लेकर विभागों के बंटवारे तक महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

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