मुख्यपृष्ठसमाचारयूपी में शहरों की गंदगी, समा गई कई जिंदगी!  ... ३ साल में...

यूपी में शहरों की गंदगी, समा गई कई जिंदगी!  … ३ साल में ५४ सफाईकर्मियों की सीवर में हुई मौत

•राज्य में सीवर-सफाई में गई सबसे अधिक जानें
सामना संवाददाता / कानपुर। मैनुअल स्कैवेंजिंग एक्‍ट २०१३ के तहत देश में सीवर-सफाई के लिए किसी भी व्‍यक्ति को उतारना पूरी तरह गैर-कानूनी है। अफसोस ये है कि आदेश केवल फाइलों तक ही सीमित है। बीते तीन सालों में ५४ सफाईकर्मियों ने यूपी के मैनहोल में दम तोड़ा है। यह पूरे देश में सबसे अधिक है। इसके बावजूद सरकारी हो या प्राइवेट सीवर के सफाईकर्मियों को धड़ल्ले से मौत के मुंह में धकेला जा रहा है। देश में बीते १० सालों में ६३५ सफाईकर्मियों की सीवर सफाई के दौरान मौत हो चुकी है।

सबसे ज्यादा यूपी में मौतें
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिकता मंत्रालय की संस्था राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के आंकड़ों की बात करें तो वर्ष-२०१९ में सीवर की सफाई के दौरान ११० लोगों की मौत हुई। वहीं वर्ष-२०१८ में ६८ और २०१७ में १९३ मौतें हुर्इं। प्रदेश स्तर पर सफाईकर्मियों की काम के दौरान हुई मौत के आंकड़े की बात करें तो पिछले तीन साल में सबसे ज्यादा ५४ मौतें यूपी में हुई हैं। इसमें सबसे ज्यादा मामले २०१९ में दर्ज हुए।

नियमों की हो रही अनदेखी
एक्ट के तहत सफाई कर्मियों से सीवर सफाई पूरी तरह गैरकानूनी है। अगर व्‍यक्ति को सीवर में उतारना ही पड़ जाए, तो उसके लिए कई तरह के नियमों का पालन जरूरी है। मसलन जो व्‍यक्ति सीवर की सफाई के लिए उतर रहा है, उसे ऑक्सीजन सिलिंडर, स्‍पेशल सूट, मास्‍क, सेफ्टी उपकरण इत्‍यादि देना जरूरी है। इन नियमों की पूरी तरह अनदेखी की जाती है।

यूपी में बढ़े हादसे गाजियाबाद में ५ कर्मचारियों की मौत
२२ अगस्त २०१९ को गाजियाबाद में सीवर की सफाई करने उतरे पांच कर्मचारियों की मौत हो गई थी। नंदग्राम इलाके में सफाई कर्मचारी सीवर की सफाई कर रहे थे, इसी दौरान जहरीली गैस के कारण दम घुटने से सभी की मौत हो गई थी।

वाराणसी में २ की दम घुटने से मौत
१ मार्च २०१९ को वाराणसी के पांडेपुर इलाके में संविदा सफाई कर्मचारी चंदन और राकेश को गहरी सीवर लाइन में बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के उतारा गया। दोनों की दम घुटने से मौत हो गई थी।

कानपुर में २ सफाईकर्मियों की मौत
१९ जून २०१९ को कानपुर के बाबूपुरवा थाना क्षेत्र में सीवर की सफाई के दौरान दो सफाईकर्मियों की मौत हो गई। जहरीली गैस से दोनों कर्मी बेहोश हो गए थे इसके बाद तेज बहाव में दोनों डूब गए। कई किलोमीटर दूर उनकी लाशें मैनहोल के अंदर मिलीं। वहीं सीवर चेंबर की सफाई के दौरान तीन सफाईकर्मी जहरीली गैस की चपेट में आ गए थे। लेकिन एक की मौत हो गई थी।

अन्य समाचार