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तैयार हुई ७ किमी मिसिंग लिंक! टनिंलग का ८० फीसदी का काम पूरा

  • सुजीत गुप्ता

मुंबई से पुणे के बीच की दूरी को कम करने के लिए महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे पर खोपोली एग्जिट से कुसगांव के बीच १९ किमी का पर्यायी मार्ग बना रहा है। इस १९ किमी के मार्ग पर दो टनल, २ वाया डेक और ८ लेन का मार्ग तैयार किया जा रहा है। मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक परियोजना के ९ किमी अंडरग्राउंड टनल में से ७ किमी की टनल अब तक तैयार हो चुकी है, जो कि इस परियोजना का ८० फीसदी हिस्सा है। इस मिसिंग लिंक से मुंबई और पुणे के बीच की दूरी करीब ६ किमी कम हो जाएगी और यात्रियों का लगभग २५ मिनट का समय बच पाएगा। ये टनल लोनावला से खोपाली के बीच तैयार हो रही है। १३.३ किमी के इस मिसिंग लिंक से मुंबई और पुणे की राह आसान हो जाएगी।

क्यों पड़ी मिसिंग लिंक की जरूरत
मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे और मुंबई-पुणे नेशनल हाइवे-४ खालापुर टोल प्लाजा के पास आकर मिलते हैं, वहीं खंडाला एग्जिट के पास आकर अलग हो जाते हैं। अडोशी टनल से खंडाला एग्जिट का रास्ता ६ लेनवाला होने के साथ ही यहां पर १० लेनवाले वाहनों का ट्रैफिक आकर मिलता है। इसी के साथ ही इस भाग में घाट सेक्शन अधिक होने के कारण चढ़ाव और उतारवाले रास्ते अधिक हैं। ऐसे में मानसून के दौरान हर साल भूस्खलन की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं, जिसके चलते मुंबई की ओर आनेवाली पहाड़ों से सटी एक लाइन मानसून के दौरान बंद कर दी जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर खोपोली एग्जिट से कुसगांव के बीच १३.३ किमी के मिसिंग लिंक का काम एमएसआरडीसी कर रही है।

३०० मीटर पर कनेक्टिविटी
मुंबई-पुणे के बीच बन रही दोनों टनल ( एक मुंबई की ओर आनेवाली और दूसरा पुणे की ओर जानेवाली) प्रत्येक ३०० मीटर पर एक-दूसरे से जोड़ी जाएंगी, ताकि यदि एक टनल में कोई हादसा होता है तो दूसरी टनल से यातायात को डायवर्ट किया जा सके।

२ लाख वाहनों का होगा आवागमन
मार्च २०२० से खोपोली से कुसगांव तक मिसिंग लिंक का काम शुरू किया गया था। इस काम के दौरान देश के सबसे बड़ी सुरंग २१ मीटर व्यास का निर्माण जारी है। इस पूरे मिसिंग लिंक का काम तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य है। आमतौर पर इस मिसिंग लिंक के काम के कारण यह अनुमान लगाया जाता है कि अगले २० वर्षों में १ लाख ८० हजार वाहन हर दिन इस मार्ग का उपयोग करेंगे।

एशिया की सबसे चौड़ी होगी टनल
मिसिंग लिंक इस परियोजना के अंतर्गत अत्याधुनिक केबल ब्रिज, खालापुर टोल से खोपोली एग्जिट तक ८ लेन का रास्ता और २ टनल होंगे। इस परियोजना के अंतर्गत बनाए जा रहे केबल ब्रिज की लंबाई ६४५ मीटर और ऊंचाई १३५ मीटर होगी। इस पुल के आगे दो टनल होंगी। पहले टनल की लंबाई १.६ किमी और दूसरे टनल की लंबाई ८.१२ किमी होगी। यह टनल ४ लेन और १ पेव्ह लेनवाली होगी। २१.४५ मीटर चौड़ी यह टनल एशिया की पहली टनल होगी।

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