मुख्यपृष्ठखबरेंकान्हा की दीवानी! ... वृंदावन आई एलएलबी स्टूडेंट ने कान्हा संग रचाई शादी

कान्हा की दीवानी! … वृंदावन आई एलएलबी स्टूडेंट ने कान्हा संग रचाई शादी

कमलकांत उपमन्यु

मथुरा। भगवान को जानने वाले ही जानते हैं, जो नहीं जानते हैं, वह क्या जानेंगे कि “हरि अनंत हरि कथा अनंता, बहू विधि कही सुनि सब संता।”
भगवान ऐसे भी नहीं हैं जो हर किसी को खुद को जनवा दें या हर किसी के हो जाएं। वैसे तो सब उनके हैं, सारा जग उनका है, लेकिन वह किसके होते हैं?
वह सबको उनकी नियत और भाव के अनुसार देते हैं। वह दुष्ट प्रवृत्ति के लोगों तक को भी बहुत कुछ देते हैं, लेकिन अपने सच्चे भक्तों पर तो वह अपना सब कुछ वार देते हैं। यदि वास्तव में देखा जाए तो मनुष्य जन्म का उद्देश्य ही भगवान की प्राप्ति है, जो अगर जीते जी हो जाए तो इससे बेहतर क्या हो सकता है?

कुछ ऐसा ही औरैया के बिधूना की एलएलबी स्टूडेंट रक्षा सोलंकी के साथ हुआ है, जिसने हाल ही में 11 मार्च को कान्हा संग विवाह रचाया है। अर्थात उसने योगेश्वर को अपना जीवनसाथी बनाया है और भगवान उसे पति के रूप में मिले हैं। जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी। भगवान की प्रतिमा को हाथ में लेकर पूर्ण विधि-विधान के साथ हुए रक्षा के विवाह उत्सव में परिजनों के अलावा रिश्तेदार भी सम्मिलित हुए।

रक्षा के पिता रणजीत सोलंकी के अनुसार उनकी पुत्री 22 जुलाई 2022 को वृंदावन गई थी, जो कान्हा की ऐसी दीवानी हो गई कि उसने गिरधर को ही अपना पति मान लिया। इसके बाद उसकी जिद के आगे किसी की एक न चली और वह आखिरकार बंसीवारे की हो गई। मीरा दीवानी हो गई, मीरा मस्तानी हो गई। श्याम रंग में रंगी चुनरिया, कि मीरा दीवानी हो गई! इस विवाह को समझने वाले ही समझ सकते हैं। दरअसल यह कोई भौतिक अथवा शारीरिक मिलन नहीं है। यह आध्यात्मिक जगत है और इसमें जीते जी हुआ यह आत्मा का परमात्मा से मिलन है, जो प्रभु के प्रति अगाध श्रद्धा के बगैर संभव नहीं है। भगत के वश में है भगवान, भगत बिना यह कुछ भी नहीं, भगत ही इसकी शान। बोल दो बंसीवारे की जय!

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