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७८८ सहायक पुलिस निरीक्षक डेढ़ साल से पदोन्नति के इंतजार में!… प्रमोशन को लेकर परेशान पुलिस

सामना संवाददाता / ठाणे

महाराष्ट्र पुलिस में डेढ़ साल से ७८८ सहायक पुलिस निरीक्षक खुद के प्रमोशन के इंतजार में बैठे हैं। दिलचस्प बात यह है कि ‘मैट’ (महाराष्ट्र एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल) के आदेश के एक महीने बाद भी कोई पदोन्नति नहीं दी गई है और विभाग के अंतर्गत आने वाले कई लोग सेवानिवृत्ति के करीब हैं। विभाग के कई लोगों का कहना है कि पुलिस निरीक्षक बनने का उनका सपना कब पूरा होगा? इस संदर्भ में राज्य अपर पुलिस महानिदेशक (स्थापना प्रभाग) संजीव कुमार सिंघल ने कहा कि वरिष्ठता को लेकर ‘मैट’ द्वारा दिए गए पैâसले के खिलाफ राज्य सरकार ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और यह मामला अदालत में विचाराधीन है।

पदोन्नति का दिया गया था आदेश

पुलिस प्रशासन ने ‘मैट’ को बताया था कि पुलिस इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों के ५४० पद खाली हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से मैट को बताया गया कि ४६ या उससे अधिक अधिकारियों ने प्रमोशन में आरक्षण का लाभ लिया है और प्रमोशन में आरक्षण का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। लेकिन अधिकारियों ने मैट के समक्ष यह मुद्दा उठाया कि कोर्ट ने प्रमोशन को कोई एक्सटेंशन नहीं दिया है। इसके बाद ४६ को छोड़कर अन्य अधिकारियों को मैट द्वारा ८ नवंबर २०११ को पदोन्नत करने का आदेश दिया गया। लेकिन पुलिस सूत्रों की मानें तो एक माह बाद भी इस पर अमल नहीं हो सका है।

आदेश के बाद भी नहीं मिली प्रोन्नति     

विभाग के अंतर्गत जिन्हें फौजदार पद पर रहते हुए अधिकारी घोषित किया गया था, वे वरिष्ठता प्राप्त करने के लिए ‘मैट’ में गए थे। मैट ने उन्हें वरिष्ठता लागू करने का आदेश देकर राहत दी थी। लेकिन राज्य सरकार ने मैट के पैâसले के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है और मामला अदालत में विचाराधीन है। वरिष्ठता का मामला ‘मैट’ में था, वहीं दो सौ अधिकारियों ने पुलिस इंस्पेक्टर की प्रोन्नति नहीं होने पर ‘मैट’ में अपील की थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि भले ही उन्हें ‘मैट’ से राहत मिल गई हो, लेकिन अधिकारी अब भी प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं।

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