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कोस्टल रोड का ८२ प्रतिशत काम पूरा, नवंबर में मरीन ड्राइव से हाजीअली तक खुलेगी एक लेन! उद्धव ठाकरे की संकल्पना हो रही है साकार

सामना संवाददाता / मुंबई
मनपा की महत्वाकांक्षी परियोजना कोस्टल रोड का काम शिंदे सरकार में रुक-रुककर चल रही है। फिर भी अब तक ८२ प्रतिशत से अधिक पूरा कर लिया है। इसमें पहले चरण का काम तेज गति से किया जा रहा है। अनुमान है कि इसके पहले चरण के कुछ भाग को इसी साल के अंत तक शुरू किया जाएगा। सूत्रों की मानें तो दिसंबर २०२३ में हाजीअली से मरीन ड्राइव तक पहला चरण और मई २०२४ में दूसरा चरण शुरू करने का अनुमान है।

बता दें कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने इस परियोजना की संकल्पना रखी थी। मनपा में सत्ताधारी रही शिवसेना द्वारा इसे बनाने के लिए प्रस्ताव लाया था। मनपा इस परियोजना को अपने खर्च से बना रही है। इस परियोजना को लेकर पूर्व पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने पूरी कोशिश कर इस परियोजना को रफ्तार दी थी।
सूत्रों के अनुसार, परियोजना के पहले और दूसरे चरण में मरीन ड्राइव की ओर एक-एक लेन को नवंबर तक पूरा कर वाहनों के लिए खोला जा सकता है। बाकी काम होने के बाद अन्य मार्ग को भी अगले साल के मध्य तक शुरू होने की संभावना है। पहले चरण में मरीन ड्राइव से हाजीअली और महालक्ष्मी मंदिर तक एक लेन शुरू हो सकती है। इस योजना के तहत वर्ली में पार्किंग की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।

क्या है परियोजना
१०.५८ किमी लंबी इस परियोजना का निर्माण प्रिंसेस स्ट्रीट फ्लाईओवर से बांद्रा-वर्ली सी-लिंक के दक्षिणी छोर तक किया जा रहा है। कुल १२.५ हजार करोड़ रुपए से अधिक लागतवाली इस परियोजना में ४+४ लेन की कोस्टल सड़कें, पुल, एलिवेटेड सड़कें और सुरंगें शामिल हैं।

तीन चरण में काम
कुल तीन चरण में काम हो रहा है। चौथे चरण के तहत प्रिंसेस स्ट्रीट फ्लाईओवर से प्रियदर्शनी पार्क तक ४.०५ किमी, पहले चरण के तहत प्रियदर्शनी पार्क से बड़ौदा पैलेस तक ३.८२ किमी और दूसरे चरण में बड़ौदा पैलेस से बांद्रा वर्ली सी-लिंक तक २.७१ किमी की दूरी तक काम होगा। तीसरे चरण का काम रिंग रोड पुलों से जुड़ा है। पहले और चौथे चरण का काम मेसर्स लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड और दूसरे चरण के काम मेसर्स एचसीसी-एचडीसी (संयुक्त उद्यम) कर रहा है। एक सलाहकार भी नियुक्त किया गया है।

समुद्र के नीचे से जानेवाली देश की पहली आधुनिक सुरंगें
इस परियोजना के तहत प्रियदर्शनी पार्क से नेताजी सुभाषचंद्र बोस मार्ग मरीन ड्राइव तक कुल २.०७ किलोमीटर लंबी २ अलग-अलग सुरंगें बनाने की योजना है। इनमें से एक सुरंग का काम कल पूरा कर लिया गया। यह सुरंग अत्यंत आधुनिक होंगी। सुरंग को १० से ७० मीटर नीचे से तक बनाया गया है। समुद्र के नीचे से जानेवाली देश की यह पहली सुरंगें हैं। सुरंग के अंदर वेंटिलेशन की व्यवस्था बनाई गई, चिकित्सा सेवा और अन्य आधुनिक तकनीकी का भरपूर उपयोग किया जा रहा है, ताकि यातायात के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या न हो।

 

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