मुख्यपृष्ठस्तंभप्रोजेक्ट पड़ताल : घाटकोपर आरओबी निर्माण में लगेंगे दो वर्ष!

प्रोजेक्ट पड़ताल : घाटकोपर आरओबी निर्माण में लगेंगे दो वर्ष!

-मुंबईकरों को करना होगा २०२७ तक इंतजार

ब्रिजेश पाठक

भीड़भाड़ वाले अंधेरी-घाटकोपर लिंक रोड पर वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए अभी दो वर्षों का लंबा इंतजार करना होगा। मनपा और महाराष्ट्र रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमआरआईडीसी) एक केबल-स्टे ब्रिज का निर्माण कर रही है, जो घाटकोपर के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को जोड़ेगा। पहले घाटकोपर के पूर्व और पश्चिम हिस्सों को जोड़ने के लिए एक रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) था, जिसे २०१८ में एक संरचनात्मक ऑडिट के बाद असुरक्षित घोषित कर दिया गया। इसके बाद अधिकारियों ने ४५ साल पुराने इस पुल को तोड़कर उसकी जगह नया केबल-स्टे ब्रिज बनाने का निर्णय लिया।
इस ब्रिज की अनुमानित लागत ३५० करोड़ रुपए है और मनपा ने इसे वर्ष २०२७ तक पूरा करने की डेडलाइन तय की है। फिलहाल, पहले चरण का कार्य प्रगति पर है। जानकारी के मुताबिक, यह केबल-स्टे ब्रिज २१६ मीटर लंबा और ११ मीटर चौड़ा होगा, जिसमें भारी ट्रैफिक को संभालने के लिए छह लेन होंगी। यह मुंबई उपनगरीय क्षेत्र में शुरू होने वाला पहला केबल-स्टे रेलवे ओवरब्रिज होगा। वर्तमान में मुंबई में जो केबल-स्टे ब्रिज हैं, उनमें बांद्रा-वर्ली सी-लिंक और रे रोड ब्रिज का समावेश है। मेट्रो वन लाइन में वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे और अंधेरी स्टेशन को जोड़ने वाला पुल भी इसी प्रकार का है। अधिकारियों का कहना है कि यह ब्रिज यात्रा के समय को काफी कम करेगा और उपनगरीय क्षेत्र के भीड़भाड़ वाले एलबीएस मार्ग पर ट्रैफिक का बोझ घटाएगा। नागरिकों को असुविधा न हो, इसके लिए पुल का निर्माण दो चरणों में किया जा रहा है। पहले चरण में केवल एक ओर की पुल संरचना को तोड़कर नया बनाया जा रहा है, जिससे दूसरी ओर से वाहनों की आवाजाही जारी रह सके। दूसरे चरण में शेष भाग को तोड़कर फिर से बनाया जाएगा।

यह पुल उपनगरीय इलाकों में कनेक्टिविटी आसान करने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है। इसकी डिजाइन को इस तरह से तैयार किया गया है कि यह क्षेत्र की सुंदरता को भी बढ़ाए। पुल पर सौंदर्यात्मक लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही पुल पर पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ और आपातकालीन वाहनों के लिए सेवा मार्ग भी होंगे।’
-एमआरआईडीसी प्रवक्ता

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