सगीर अंसारी / मुंबई
मुंबई महानगरपालिका के एस वॉर्ड में स्टॉर्म वॉटर ड्रेन (एसडब्ल्यूडी) प्रोजेक्ट से जुड़ा करोड़ों रुपए का फर्जीवाड़ा सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता अनवर शेख ने मनपा आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारियों को लिखे पत्र में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि एक ही ठेकेदार ने अधिकारियों की मिलीभगत से तीन प्रोजेक्ट्स में फर्जी बिलिंग और गैरकानूनी काम दिखाकर जनता के पैसों की लूट की है।
शिकायत के अनुसार, वर्क कोड ईएस-२२६ में ठेकेदार ने सर्विस रोड पर बिना काम किए ही बिल पास करा लिया। वहीं ईएस-४२४ का काम दूसरी कंपनी के नाम से दिखाया गया, लेकिन इसके लिए न तो मनपा की तकनीकी अनुमति ली गई और न ही कोस्टल रोड अथॉरिटी की मंजूरी ली गई। यह काम मनपा की आर्किटेक्चरल डिजाइन और सरकारी नियमों के खिलाफ किया गया। इसके अलावा ईएस-४४० से जुड़ी माप पुस्तिका अधिकारियों द्वारा बार-बार मांगने के बावजूद उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे भ्रष्टाचार की आशंका और गहरी हो जाती है।
अनवर शेख का आरोप है कि दोनों कंपनी वास्तव में एक ही मालिक के नियंत्रण में हैं और मनपा के कुछ अधिकारी इस घोटाले को छुपाने में शामिल हैं। उनके मुताबिक, यह पूरा मामला जनता के पैसों की लूट, रिकॉर्ड में हेरफेर और कर्तव्य की लापरवाही का उदाहरण है।
फर्जी बिलिंग के लिए आपराधिक मामला दर्ज हो
उन्होंने मनपा के उच्चाधिकारयों से अपने शिकायती पत्र के जरिए मांग की है कि तीनों प्रोजेक्ट्स की तत्काल जांच हो, जिम्मेदार अभियंताओं और अधिकारियों पर विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाए और ठेकेदार कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर फर्जी बिलिंग के लिए आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मनपा ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो वे मामला एंटी करप्शन ब्यूरो, लोकायुक्त, सीआरजेड ऑथॉरिटी और अदालत तक ले जाएंगे।
