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‘कमलाबाई’ की नई योजना… सहयोगी दलों का करना है सफाया!.. २०२९ तक शिंदे-दादा का फडणवीस करेंगे गेम

सामना संवाददाता / मुंबई

महाराष्ट्र की राजनीति में ‘कमलाबाई’ (भाजपा) ने अब नई योजना बनाई है। इसके तहत उसे अपने सहयोगियों शिंदे और दादा का सफाया करना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा का लक्ष्य २०२९ के विधानसभा चुनावों तक फडणवीस के नेतृत्व में अकेले दम पर सरकार बनाना है। इसी को पूरा करने के लिए फडणवीस, शिंदे और पवार का ‘गेम’ कर रहे हैं। फिलहाल, यह नई रणनीति ‘महायुति’ गठबंधन के भीतर तनाव को बढ़ा रही है।
उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनावों में १३२ सीटें जीतने के बाद फडणवीस ने मुख्यमंत्री बनते ही भाजपा में जोरदार ‘इनकमिंग’ शुरू की। यह ‘इनकमिंग’ सिर्फ विपक्षी दलों से नहीं, बल्कि शिंदे और अजीत पवार के प्रभाव वाले क्षेत्रों से भी हो रही है। भाजपा ने जानबूझकर शिंदे-दादा गुट के ताकतवर विधायकों के विरोधियों को अपने साथ मिलाकर संतुलन बनाना शुरू कर दिया है। इस रणनीति के तहत दोनों गुटों के विरोधियों को पार्टी में लाकर भाजपा अपने ही सहयोगियों को उनके गढ़ में कमजोर कर रही है।
‘महायुति’ के बैनर तले चुनाव
आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को ‘महायुति’ के बैनर तले लड़ने का फडणवीस का पैâसला भी इसी रणनीति का हिस्सा है। भले ही यह कदम एकजुटता का संकेत देता हो, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि इसके पीछे भाजपा का छिपा हुआ मकसद है। चूंकि भाजपा की बूथ मशीनरी सबसे मजबूत है, तीनों दलों के अलग-अलग लड़ने पर भाजपा को फायदा होता, लेकिन एक साथ चुनाव लड़कर भाजपा यह सुनिश्चित कर रही है कि शिंदे और दादा गुट अपने दम पर मजबूत न हो पाएं और पूरी तरह भाजपा पर निर्भर रहें।

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