– हर साल ३५ की लेता है जान
– कल एक अधिकारी की हुई मौत
– ५ वर्षों में १८० की हुई मृत्यु
-हेल्थ चेकअप सिर्फ ढकोसलेबाजी
फिरोज खान / मुंबई
हाल ही में चार दिन के भीतर तीन पुलिसकर्मियों द्वारा आत्महत्या किए जाने से पूरा पुलिस महकमा दहशत में आ गया था। अभी इसकी चर्चा ठंडी भी नहीं पड़ी कि इस बीच एक और घटना ने सभी को चौंका दिया है। रविवार को एक उप पुलिस निरीक्षक की साइलेंट किलर हार्ट अटैक से मौत हो गई।
करीब २ करोड़ मुंबईकरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी चंद पुलिसकर्मियों के जिम्मे होने के कारण काम का बोझ, लंबी और अनियमित ड्यूटी की वजह से पुलिसकर्मियों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। आलम यह है कि हर साल ३५ से ज्यादा पुलिसकर्मी हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं और पिछले पांच वर्षों की बात करें तो करीब १८० पुलिसवालों की दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हुई है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि सरकार हेल्थ चेकअप के नाम पर ढकोसलेबाजी कर रही है। काम के तनाव से गुजर रहे पुलिसवालों की हेल्थ चेकअप के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। उनके लिए योगा या अन्य व्यायाम के लिए भी कोई सुविधा नहीं है।
बता दें कि रविवार को पुलिस विभाग में उप पुलिस निरीक्षक पद पर कार्यरत कृष्ण आत्माराम जोशी की अचानक हार्ट अटैक से मौत हो गई। वे देवनार पुलिस स्टेशन में कार्यरत थे और नई मुंबई में रहते थे। अचानक हार्ट अटैक से हुई यह मौत कोई पहली नहीं है। इससे पहले के आंकड़े काफी डरावने हैं। ५ वर्षों में १८० से ज्यादा मरनेवाले पुलिसवालों में ज्यादातर ऐसे कर्मी थे, जिन्हें पहले कभी हार्ट की शिकायत नहीं थी। एक पुलिस अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि दिल का दौरा पड़ने से हो रही मौंतों का कारण लंबी ड्यूटी की वजह से दिनचर्या का अनियिमित होना, खाने-पीने का समय नहीं होना, नियमित मेडिकल जांच नहीं होना आदि है।
