मुख्यपृष्ठसमाचारटैक्स चोरी से बचने के लिए बड़ा घोटाला आया सामने!

टैक्स चोरी से बचने के लिए बड़ा घोटाला आया सामने!

-अरुणाचल प्रदेश में नकली आईडी के साथ रजिस्टर्ड हुए ६० वाहन

– वसई आरटीओ में पहले किया ट्रांसफर, फिर किए गए रजिस्टर

सामना संवाददाता / पालघर

टैक्स चोरी से बचने के लिए एक बड़ा घोटाला सामने आया है। घोटाले के अनुसार, राज्य परिवहन अधिकारियों को पिछले तीन वर्षों में वसई आरटीओ में फिर से रजिस्टर्ड कराए गए ६० वाहनों का पता चला है, जिनमें ज्यादातर बसों और ट्रकों पर नकली इंजन और चेसिस नंबर मिले हैं। बताया जाता है कि ये सभी अरुणाचल प्रदेश के वाहन हैं। सूत्रों के मुताबिक, इन वाहनों को महाराष्ट्र में ट्रांसफर करने से पहले अरुणाचल प्रदेश में फर्जी डॉक्यूमेंट्स के साथ रजिस्टर किया गया था, क्योंकि इंजन और चेसिस नंबर गाड़ी कंपनी के रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रही थी।
वसई आरटीओ ने वाहन रिकॉर्ड को संबंधित ऑटोमोबाइल निर्माताओं के ऑथराइज्ड डीलरों के माध्यम से वेरिफाई किया। बता दें कि पिछले महीने ही पुलिस ने इसी मामले में एक मामला दर्ज किया था और राज्य के अन्य आरटीओ को भी पत्र लिख कर ३४ बसों और २६ ट्रकों को ट्रैक करने को कहा था। बता दें कि पिछले साल, वाशी आरटीओ ने लगभग आधा दर्जन अरुणाचल-रजिस्टर्ड बसों के संबंध में इसी तरह के मामले दर्ज किए गए थे।
आरटीओ की कार्रवाई पर उठे सवाल
ट्रांसपोर्टरों को आश्चर्य हुआ कि वसई आरटीओ के अधिकारी इतनी बड़ी संख्या में वाहनों के नकली चेसिस और इंजन नंबरों को पकड़ने में कैसे विफल रहे। अधिकारियों को संदेह है कि टैक्स से बचने या अन्य मुद्दों से बचने के लिए वाहनों को पूर्वोत्तर राज्य से बाहर ट्रांसफर किया गया होगा? परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में पंजीकृत वाहनों के रिकॉर्ड की जांच करते समय और इस प्रक्रिया के दौरान, उन्हें इन ६० वाहनों के बारे में पता चला।
चल रही है जांच
एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि ऐसा लगता है कि वाहनों को फर्जी दस्तावेजों के साथ रजिस्टर किया गया था? आम तौर पर वाहन खरीदने-बेचने या मालिक का पता बदलने पर दूसरे राज्यों से महाराष्ट्र में ट्रांसफर हो जाते हैं। इस प्रक्रिया के अनुसार, आरटीओ निरीक्षक किसी वाहन को अन्य राज्यों से अपने आरटीओ में ट्रांसफर करने से पहले उसके चेसिस और इंजन नंबर की पुष्टि करने के अलावा उसकी फिटनेस की जांच करते हैं। आरटीओ से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) सहित डॉक्यूमेंट्स को वेरिफाई करने के बाद, सहायक आरटीओ निरीक्षकों को वाहन की फिटनेस की जांच करने के बाद वाहन को रजिस्टर करने का निर्देश देता है। इस प्रक्रिया में चेसिस और इंजन नंबर का वेरिफिकेशन भी शामिल है।

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