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१२०० गुजरातियों को ठग गया एक चीनी! … ९ दिन में हजम किए `१४०० करोड़

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
कहते हैं लालच बुरी बला है। लालच का फल बुरा और नुकसानदायक होता है, लेकिन लोग यह जानने के बाद भी लालच से खुद को बचा नहीं पाते हैं और अपना नुकसान कर लेते हैं। लोगों की इसी फितरत का फायदा एक चीनी नागरिक ने उठाया। उसने हिंदुस्थान के उस गुजरात राज्य के लोगों को मूर्ख बना दिया, जो व्यापार कुशलता के लिए जाने जाते हैं। उक्त चीनी नागरिक ने महज ९ दिनों में एक ऐप के जरिए १,२०० लोगों को करीब १,४०० करोड़ रुपए का चूना लगा दिया। हास्यास्पद बात यह है कि भाजपा, उसकी सरकारें और जांच एजेंसियां हिंदुस्थान में विपक्षी नेताओं को बेबुनियाद आरोप लगाकर परेशान करने में जुटी हैं। जबकि केंद्र और राज्य की भाजपाई सरकारों तथा उनकी जांच एजेंसियों तथा पुलिस को चीनी नागरिक द्वारा चपत लगाए जाने की भनक तक नहीं लगी। चीनी चीटर ने इसी का लाभ उठाया और विजय माल्या, ललित मोदी, नीरव मोदी व मेहुल चोकसी की तरह चुपचाप हिंदुस्थान की सीमा से बाहर निकल गया।
गुजरात पुलिस की सीआईडी को जून २०२२ में पता चला कि कुछ लोग ‘दानी डेटा’ नाम की एक ऐप के जरिए गुजरात और उत्तर-प्रदेश के लोगों को निशाना बना रहे थे। उत्तर-प्रदेश के आगरा जिले की पुलिस भी इसकी जांच कर रही थी। जांच में पता चला कि इस ठगी में उत्तरी गुजरात के भी कुछ लोग शामिल हैं।
रोज हुई रु. २०० करोड़ की ठगी
आगे हुए खुलासे के अनुसार, चीनी नागरिक (वू युआंबे) साल २०२० और २०२२ के बीच भारत में था। उसने पाटन और बनासकांठा में भी कुछ वक्त गुजारा। इस दौरान वो बड़ी तादाद में लोगों से मिला और उन्हें पैसे कमाने का लालच दिया। उसके बाद उसने और उसके साथ के लोगों ने मई २०२२ में एक ऐप लॉन्च की। इस ऐप में बोली लगाने और बदले में बड़े फायदे के वायदे किए गए, जिसमें फंस कर १५ साल के लड़के से लेकर ७५ साल तक के बुजुर्गों ने ऐप पर जाकर फुटबॉल गेम्स पर बेटिंग लगाई। कुल ९ दिन ऐप एक्टिव रही और फिर एक दिन ऐप अचानक बंद हो गई। तब लोगों को पता चला कि उनके साथ बड़ा खेल हो गया है। इस तरह युआंबे ने औसतन हर रोज २०० करोड़ रुपए ठग लिए।
करोड़ों रुपए के हवाला का खुलासा
जांच में जुटी सीआईडी की साइबर सेल ने इस मामले में ९ लोगों को पकड़ा तो पता चला कि आरोपियों ने शेल कंपनियां बनाकर हवाला नेटवर्क के जरिए पैसे भेजने में वू युआंबे की मदद की। चीनी नागरिक वू युआंबे धनशोधन और २,३०० करोड़ रुपए के हवाला लेनदेन में शामिल था, लेकिन यूआंबे भारत से चीन भाग चुका था। क्योंकि सीआईडी उस समय युआंबे के खिलाफ पर्याप्त सुबूत नहीं जुटा पाई थी। पुलिस के सूत्रों के मुताबिक युआंबे अभी भी चीन के शेंजेन प्रांत के अलावा हांगकांग और सिंगापुर से अपना नेटवर्क चला रहा है। ऑनलाइन ठगी के लिए उसने कई ऐप बना रखी हैं। उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू की जानी है। उसके खिलाफ लुक आउट सर्वुâलर (एलओसी) भी जारी किया गया है।

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