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कश्मीर में फिर टारगेट किलिंग की कोशिश में एक प्रवासी मजदूर गंभीर रूप से जख्मी

  • साल में २६ और पिछले चार महीनों में ११ टारगेट किलिंग हुई हैं

सुरेश एस. डुग्गर / जम्मू

शुक्रवार को आतंकियों ने एक बार फिर टारगेट किलिंग की कोशिश करते हुए पुलवामा में गैर-कश्मीरी मजदूर पर हमला किया है, उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, इससे पहले स्वतंत्रता दिवस से तीन दिन पहले १२ अगस्त को आतंकियों ने बांदीपोरा में टारगेट किलिंग की थी।
पुलिस ने बताया कि उगरगुंड इलाके में काफी समय से रह रहे पश्चिम बंगाल के निवासी मुनीब उल रहमान पुत्र अब्दुल काबे जब काम के लिए घर से निकला तो अचानक से आतंकवादियों ने उस पर हमला कर दिया। कुछ संदिग्ध बंदूकधारी उसके सामने आए और उस पर गोलीबारी करके वहां से फरार हो गए। इससे पहले कि आस-पास के रहनेवाले लोग कुछ कर पाते आतंकवादी वहां से निकल भागे।
कश्मीर में आतंकवादी अब तक २६ लोगों की टारगेट किलिंग कर चुके हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आतंकवादी कश्मीर में दहशत पैâलाने के उद्देश्य से बाहरी प्रदेशों के नागरिक को निशाना बना रहे हैं। हालांकि कश्मीर को आतंकवाद मुक्त बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस व अन्य सुरक्षाबल पूरा प्रयास कर रहे हैं। कश्मीर में इस साल कुल २६ और पिछले चार महीनों में ११ बार टारगेट किलिंग की जा चुकी है। आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबल लगातार अभियान चलाए हुए हैं। गुरुवार को ही सुरक्षाबलों ने टारगेट किलिंग के लिए जा रहे एक आतंकी मददगार को दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही टारगेट किलिंग में शामिल कई आतंकियों को सुरक्षाबलों ने मौत के घाट उतार दिया है। बता दें कि इससे पहले १२ अगस्त को आतंकियों ने एक टारगेट किलिंग को अंजाम दिया था। आतंकियों ने बांडीपोरा के सोदनारा सुंबल में गैर-कश्मीरी मजदूर पर फायरिंग की। गोली लगने से घायल मजदूर ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।
दरअसल अलगाववादियों व आतंकियों ने वेंâद्र सरकार के उस पैâसले को अभी भी नहीं माना है जिसके तहत ५ अगस्त २०१९ को जम्मू-कश्मीर को धारा ३७० के तहत जो विशेषाधिकार मिले हुए थे, उन्हें छीन कर दो टुकड़ों में बांट कर उसकी पहचान छीन ली गई थी।
हालांकि अक्टूबर २०१९ में भी आतंकियों ने ५ प्रवासी श्रमिकों को मौत के घाट उतारा था पर ५ अगस्त २०१९ के बाद कृष्णा ढाबे के मालिक के बेटे आकाश मेहरा की मौत दूसरी ऐसी हत्या थी जो जम्मू के निवासी थे और कश्मीर में रहते हुए डोमिसाइल के लिए आवेदन कर रहे थे। इससे पहले सैनिक कॉलोनी के रहनेवाले सुनार सतपाल सिंह की ३१ दिसंबर २०२१ को कश्मीर में हत्या कर दी गई थी जिसने डोमिसाइल प्रमाण-पत्र की मांग की थी।

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