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कोकण में आदित्य ठाकरे का तूफान… महाविकास आघाड़ी का जोर विरोधियों में घबराहट-बेचैनी

सामना संवाददाता / मानगांव। महाराष्ट्र द्वारा कोविड काल में किए गए कार्य एवं विकास कार्यों की देश और दुनियाभर में सराहना होने के दौरान विपक्ष के पेट में एसीडिटी हो गई है। उन्हें जलन हो रही है और मितली वगैरह सब कुछ हो रहा है, ऐसी जबरदस्त फटकेबाजी शिवसेना नेता व पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने की। आए दिन निरंकुश आरोप लगाना, बदनाम करने की उनकी साजिश चल रही है। परंतु याद रखो ये ऐरी-गैरी आघाड़ी नहीं, महाविकास आघाड़ी है। महाराष्ट्र महाविकास आघाड़ी है। इसकी ताकत और प्रेरणा शिवराय हैं। महाराष्ट्र को चुनौती दी तब भी महाराष्ट्र दिल्ली के समक्ष झुकेगा नहीं। आड़े आए तो टेढ़ा करने की ताकत हमारे बाजुओं में है, ऐसी स्पष्ट चेतावनी आदित्य ठाकरे ने भाजपा को दी।
सिंधुदुर्ग से रायगढ़ इस तरह से आदित्य ठाकरे का तीन दिवसीय कोकण दौरा संपन्न हुआ। आज रायगढ़ में आदित्य ठाकरे का जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया। लोणेरे स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर तंत्र ज्ञान विद्यापीठ परिसर स्थित इन्क्यूबेशन सेंटर व स्नातकोत्तर संशोधन केंद्र इमारत का भूमि पूजन, अनुसूचित जाति-जमाति के विद्यार्थियों के लिए तैयार किए गए हॉस्टल का भूमि पूजन व डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण आदित्य ठाकरे के हाथों संपन्न हुआ। उसके बाद मानगांव स्थित टीकमभाई मेहता कॉमर्स कॉलेज के भव्य मैदान में शिवसेना का जोरदार सम्मेलन हुआ। इस सम्मेलन में आदित्य ठाकरे ने केंद्रीय जांच एजेंसियों की आड़ में महाराष्ट्र को बदनाम करनेवाले भाजपाई नेताओं की जमकर खबर ली।

जय महाराष्ट्र से भाषण का प्रारंभ करते ही उपस्थित लोगों ने जोरदार प्रतिसाद दिया और परिसर तालियों से गूंज उठा। आदित्य ठाकरे ने कहा कि यही महाराष्ट्र की भगवा ताकत है। यह ताकत दिल्ली को दिखानी है। आप प्यार से सामने आए तो बगल में बिठाएंगे, परंतु तलवार लेकर हमला करोगे तो मुंहतोड़ जवाब देंगे, ऐसी चेतावनी आदित्य ठाकरे ने विरोधियों को दी। कोकण ने तूफानों का सामना किया है और ऐसे कई तूफान और संकट आए फिर भी दृढ़तापूर्वक खड़े रहने की शक्ति महाराष्ट्र में है, ऐसा भी उन्होंने जोर देकर कहा।
कोविड काल में सवा ३ लाख करोड़ का करार
आदित्य ठाकरे ने आगे कहा कि कोविड संकट के कारण लगे लॉकडाउन के कारण सभी लोग घर में बैठे थे, परंतु शिवसैनिक सड़क पर लोगों की मदद के लिए दौड़ रहे थे। हर सप्ताह फेसबुक लाइव के जरिए एक चेहरा घर-घर पहुंचता था। वह चेहरा विश्वास जतानेवाला, आश्वासन देनेवाला मतलब मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उप मुख्यमंत्री अजीत दादा पवार और राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात के नेतृत्व में महाविकास आघाड़ी की सरकार द्वारा किए गए कार्यों की सराहना दुनियाभर में की गई। उन्होंने राज्य में विकास कार्यों की रफ्तार को कहीं भी धीमा पड़ने नहीं दिया, बल्कि कोविड काल में भी विविध कंपनियों से सवा ३ लाख करोड़ रुपए का करार किया। इसलिए जल्द ही महाराष्ट्र में भारी रोजगार उपलब्ध होगा तथा यहां के युवकों को उनके अधिकार की नौकरी मिलेगी, ऐसा विश्वास आदित्य ठाकरे ने दिलाया।
प्राण जाए पर वचन न जाए
मेरे दादाजी हिंदूहृदयसम्राट शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे ने २० फीसदी राजनीति और ८० फीसदी समाजसेवा का मंत्र दिया है। ऐसा कहते हुए सत्ता आती और जाती है, परंतु दो चुनावों के बीच के काल में इस राज्य और समाज का निर्माण करना होता है। इसका भान रखकर ही कोकण सहित राज्य भर में चल रहे विकास कार्यों का लेखा-जोखा आदित्य ठाकरे ने सामने रखा। शिवसेना एक घोष वाक्य है। ‘रघुकुल रीति सदा चली आई, प्राण जाए, पर वचन न जाई’ इसलिए दिए गए सभी वचनों को पूरा करने और कोई कितना भी प्रयास करे किंतु महाराष्ट्र से दगाबाजी नहीं होने देंगे, ऐसा भी आदित्य ठाकरे ने जोर देकर कहा। इस दौरान परिवहन मंत्री अनिल परब, विधायक भरत गोगावले, महेंद्र दलवी, मनोहर थोरवे, योगेश कदम, प्रकाश सुर्वे, मुंबई की महापौर किशोरी पेडणेकर, जिलाप्रमुख अनिल नवगणे, शिरीष घरत, मनोहर भोईर, विनोद घोसालकर, जिला परिषद सदस्य किशोर जैन, संपर्क प्रमुख सदानंद थरवल, विलास चावरी, जिला परिषद में विपक्ष के नेता सुरेंद्र म्हात्रे, महिला संपर्क संगठक सुवर्णा करंजे, दक्षिण रायगढ़ युवासेना अधिकारी विकास गोगावले सहित तमाम पदाधिकारी व असंख्य शिवसैनिक उपस्थित थे।

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