मुख्यपृष्ठनए समाचारअभी चूके तो देश में तानाशाही! ... उद्धव ठाकरे का प्रखर मत

अभी चूके तो देश में तानाशाही! … उद्धव ठाकरे का प्रखर मत

सामना संवाददाता / मुंबई
राजनीति में सबसे पहले नैतिकता अनिवार्य है। लेकिन वर्तमान राजनीति में नैतिकता खो गई है और देश में भारी भ्रम की स्थिति है। देश कठिन दौर से गुजर रहा है। इसलिए अगर हमने अब चूक की, तो देश में तानाशाही होगी। इस तरह का प्रखर मत शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कल व्यक्त किया।
श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा, तेरापंथ युवक परिषद, श्री जैन तेरापंथ ट्रस्ट, तेरापंथ महिला मंडल के संयुक्त तत्वावधान में कुर्ला में महाश्रमण समवसरण आध्यात्मिक प्रवचन का आयोजन किया गया था। इस मौके पर उद्धव ठाकरे बोल रहे थे। इस समारोह के अवसर पर प्रवचनकार युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी का उन्होंने आशीर्वाद लिया।
साथ ही उपस्थित जैन बंधुओं से संवाद साधा। आचार्य महाश्रमणजी के कार्यों की भी उन्होंने सराहना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे यहां वोट मांगने नहीं आए हैं, बल्कि आशीर्वाद लेने आए हैं। हमें किसी पद की लालसा नहीं है। उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा बेटा बनना है, जो मेरे माता-पिता को गौरवान्वित करे।

देश की स्वतंत्रता बचाने के लिए साथ दो!
राजनीति समाज सेवा का एक साधन है। राजनीति के मूल्य अहिंसा, नैतिकता व सामाजिक कार्य हैं। लेकिन वर्तमान राजनीति में नैतिकता कहीं नजर नहीं आती। पूरा देश असमंजस की स्थिति में है। जीएसटी समेत कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भारतमाता की आजादी खतरे में है। इस मौके पर उन्होंने अपील की कि नैतिकता और सद्भावना कहीं नजर नहीं आती, इसलिए देश की आजादी को बरकरार रखने के लिए हमें दरवाजे पर आ चुकी तानाशाही को रोकना होगा और इसके लिए हमें आपके समर्थन की जरूरत है।

‘भारतमाता की आजादी खतरे में है। नैतिकता, सद्भावना कहीं नजर नहीं आती। आजादी को बचाए रखने के लिए हमें दरवाजे पर आई हुई तानाशाही को रोकना पड़ेगा।’

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