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ये मुंबई मांगे मोर! … गर्मी में बढ़ी एसी लोकल की डिमांड

• पीक ऑवर्स में बैठने की नहीं मिलती जगह
• लोग फोल्डिंग स्टूल लेकर कोच में आ रहे हैं
सामना संवाददाता / मुंबई । पश्चिम रेलवे पर पीक ऑवर्स में चलनेवाली एसी लोकल में बैठने को जगह नहीं मिल रही है। अब लोग वहां फोल्डिंग स्टूल लाकर अपनी व्यवस्था कर रहे हैं। मतलब साफ है कि ये मुंबई अब ‘ये दिल मांगे मोर’ की तर्ज पर और एसी लोकल चलाने की मांग कर रही है।
कल मध्य रेलवे पर ठाणे से रवाना हुई एसी लोकल शुरुआती स्टेशन पर ही भर गई। इसके बाद काफी लोगों को खड़े होकर यात्रा करनी पड़ी। यही नजारा पश्चिम रेलवे की एसी लोकल में भी दिखा। बता दें कि मध्य रेलवे पर दो महीने पहले प्रति एसी लोकल यात्रियों की औसत संख्या ९९ थी, जो अब ३९६ हो गई है। मेनलाइन पर तो प्रति लोकल यात्री संख्या ४९६ हो चुकी है। साफ है डिमांड बढ़ रही है लेकिन ये भी साफ है कि फिलहाल इस डिमांड को पूरी करने के लिए रेलवे के पास कोई प्लान नहीं है।
एसी लोकल में भीड़ केवल पीक ऑवर्स में ही दिखाई दे रही है। पश्चिम और मध्य रेलवे को मिलाकर अभी रोजाना ८० सर्विस चल रही हैं। इनमें से केवल २० फीसदी एसी लोकल पीक ऑवर्स में चलती हैं, जबकि उसी वक्त इनकी सबसे ज्यादा डिमांड है। हार्बर लाइन के सीएसएमटी-पनवेल रूट पर जो एसी लोकल चलती है, उसे सबसे कम प्रतिसाद मिला है। इस रूट पर प्रति सर्विस औसतन १०७ यात्री ही ट्रैवल कर रहे हैं। यहां नॉन पीक ऑवर्स की ट्रेनों को हटाना जरूरी है। पश्चिम रेलवे पर बड़ी शिकायत है कि एसी लोकल की कुछ सर्विस मालाड, कांदिवली, भायंदर, चर्नी रोड, ग्रांट रोड और मरीन लाइन जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर नहीं रुकती। नॉन पीक ऑवर्स में सीजन टिकट की बजाय कार्ड टिकट वालों की संख्या ज्यादा होती है और इन ट्रेनों के कार्ड टिकट के दाम बहुत ही ज्यादा हैं और ये मुंबई मेट्रो से दोगुनी है।
एसी लोकल के किराए कम करने और इनकी सर्विस बढ़ाने के लिए रोजाना सोशल मीडिया पर डिमांड हो रही है। लोग भीड़ के और खाली ट्रेनों की फोटो भी शेयर कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि एसी लोकल का ज्यादा उपयोग सीजन टिकट की बिक्री से ही होगा लेकिन ज्यादा सीजन टिकट बिके, इसके लिए पीक ऑवर्स में सर्विस भी बढ़ानी होगी।

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