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सड़क घोटाले पर आक्रामक हुए आदित्य ठाकरे -अवैध सीएम के मित्र ठेकेदारों पर मेहरबानी? …कार्रवाई के लिए मनपा आयुक्त से मांग

सामना संवाददाता / मुंबई
मनपा में छह हजार करोड़ ‘महा सड़क घोटाला’ का पर्दाफाश करने के बाद २०२२-२३ के टेंडर में सड़क के सभी कार्य रुके हुए हैं। एक ठेकेदार का ठेका दो बार रद्द किया गया है। आयुक्त के मार्गदर्शन में चलाए गए सदोष टेंडर पद्धति के कारण सड़क के काम थमे हैं। इसलिए अब इन ठेकेदारों को ‘ब्लैकलिस्ट’ करके ‘एफआईआर’ दर्ज करेंगे या असंवैधानिक मुख्यमंत्री के मित्रों पर फिर से मेहरबानी करेंगे? इस तरह का सीधा सवाल शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता, युवासेनाप्रमुख आदित्य ठाकरे ने मनपा आयुक्त प्रशासक इकबाल सिंह चहल से किया है।
मनपा में छह हजार करोड़ रुपए के महाघोटाले का हमने पर्दाफाश किया था। इसीलिए यह भ्रष्टाचार रुका। आदित्य ठाकरे ने कहा कि एक समय अतिरिक्त एफडी रखनेवाली मुंबई मनपा की वित्तीय स्थिति फिलहाल अब प्रशासक के आधिपत्य में जाने के बाद से चिंताजनक हो गई है। चार ठेकेदारों को मनपा ने २०० करोड़ रुपए का दंड लगाया है। यह दंड जनवरी २०२४ तक भरना अनिवार्य होते हुए उसे अभी तक नहीं भरा गया है। उन्होंने मनपा आयुक्त से सवाल किया है कि क्या ये ठेकेदार मनपा से पैसे मिलने के बाद दंड भरेंगे? उन्होंने मांग की है कि यह दंड संबंधित ठेकेदारों से ही वसूल करो। जिस तरह से तुम दंड वसूल करने में असफल हो, उसी तरह तुम स्वेच्छा से या मुख्यमंत्री की शक्ति के कारण मुंबई शहर की बर्बादी कर रहे हो क्या? ऐसा सीधा सवाल भी आदित्य ठाकरे ने किया है। इसे लेकर तत्काल जानकारी दो। इसलिए उन्होंने मनपा आयुक्त को फिर से स्मरण पत्र भी दिया है।
ये हैं मांगें
जनवरी २०२३ के निविदानुसार वर्क ऑर्डर के मुताबिक जिन्होंने ९० फीसदी से अधिक काम नहीं किया, उन्हें फिर से निविदा में शामिल होने की अनुमति मत दो। जिन ठेकेदारों ने मनपा द्वारा लगाए गए दंड को भरा नहीं है, उन्हें फिर से निविदा में शामिल होने की अनुमति न दें। दंड न भरनेवाले ठेकेदारों को ‘ब्लैकलिस्ट’ करो। मनपा द्वारा दी जानेवाली राशि को रोका जाए।

मुंबई की अभी तक हुई लूट पर्याप्त नहीं थी इसलिए एक बार फिर से ‘खोके’ सरकार ने मनपा को निविदा जारी करने के लिए बाध्य किया है। मुंबई की बेशर्मी के साथ लूट करने का यह घृणास्पद तरीका है।
– आदित्य ठाकरे, शिवसेना नेता

 

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