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आदित्य ठाकरे की संकल्पना को मिली गति, मनपा के हर वॉर्ड में ‘सीबीएसई’ के स्कूल! 

•  मिलेंगी आधुनिक शिक्षा, उत्तम सुविधाएं
•  शिक्षा विभाग का महत्वपूर्ण निर्णय

सामना संवाददाता / मुंबई
मनपा अत्याधुनिक क्लास, कंप्यूटर, व्यायामशाला, काउंसलिंग, सभागार, योग प्रशिक्षण, प्रयोगशाला, भाषा व मीडिया अध्ययन क्लास सहित विभिन्न अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस ‘सीबीएसई’ बोर्ड के स्कूल हर वॉर्ड में शुरू करेगी। अब तक मनपा के ‘सीबीएसई’ बोर्ड के कुल १४ स्कूल मुंबई में अलग-अलग क्षेत्रों में शुरू हैं, जिन्हें विद्यार्थियों और अभिभावकों की तरफ से अच्छा प्रतिसाद मिला है। इस सफलता के बाद मनपा ने इसे अब हर वॉर्ड में शुरू करने का फैसला किया है। इस तरह की जानकारी शिक्षा सह आयुक्त डी. गंगाधरन ने दी। इस उपक्रम की शुरुआत शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता व युवा सेना प्रमुख आदित्य ठाकरे की संकल्पना से की गई थी, जिसे गति मिली है।
मुंबई मनपा के माध्यम से १०वीं तक के स्कूल चलाए जाते हैं। विद्यार्थियों को २७ स्कूली सामान नि:शुल्क प्रदान किए जा रहे हैं। मनपा स्कूलों में १२१४ डिजिटल क्लास चल रहे हैं। इन स्कूलों में ई-वाचनालय, व्यवसाय मार्गदर्शन शिविर, बाल महोत्सव, नुक्कड़ नाटक, पिकनिक, शैक्षणिक महोत्सव, संगीत प्रतियोगिता, पद्य प्रतियोगिता जैसी विभिन्न गतिविधियां बच्चों की गुणवत्ता में वृद्धि कर रही हैं। हालांकि, इस बीच अभिभावकों का रुझान अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों की ओर होने से अन्य माध्यमों के विद्यार्थियों की संख्या कम हो रही है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के माता-पिता के पास खर्च वहन करने की ताकत न होने के बावजूद वैश्वीकरण में जीवित रहने और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड स्कूलों में एडमिशन करा रहे हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए मुंबई मनपा ने ‘सीबीएसई’ बोर्ड स्कूल शुरू करने का पैâसला किया है। मुंबई मनपा सीबीएसई बोर्ड स्कूल शुरू करनेवाला देश का पहला मनपा बन गया है। इन स्कूलों में किंडरगार्टन से ६वीं तक बैच शुरू की जाएगी।

मिलेंगी ऐसी सुविधाएं
•  इन स्कूलों में कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय, अलग वाचनालय, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, भौतिकी विषयों के लिए स्वतंत्र और अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित प्रयोगशालाएं होंगी।
•  इन स्कूल में गायन, वादन, नृत्य आदि संगीत विषयों के लिए अलग-अलग क्लास होंगे। इसी के साथ मीडिया अध्ययन, फोटोग्राफी, मूर्तिकला, पेंटिंग, सिलाई, बढ़ईगीरी आदि पाठ्यक्रमों के लिए अलग-अलग क्लास होंगे।
•  खेल के मामलों में भी इन स्कूलों में भव्य मैदान बनाने समेत स्वतंत्र कक्षाएं और बच्चों के लिए खेलने के लिए झूले समेत कई सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
•  इन स्कूलों के छात्रों के लिए पुनर्नवीनीकरण सामग्री से बने डेस्क और लेखन टेबल बनाने की भी योजना बनाई गई है।

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