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आदित्य ठाकरे का सीनेट चुनाव स्थगन पर जोरदार हमला … डरपोक है सरकार!

लोकसभा चुनाव नहीं कराया जा रहा हैं। स्थानीय निकायों के चुनाव नहीं हो रहे हैं। अब सीनेट चुनाव को भी स्थगिति दे दी गई। इतना तोड़फोड़ करके, दो-दो उपमुख्यमंत्रियों के होते हुए, महाशक्ति के साथ होने पर भी यदि चुनाव नहीं कराते तो इस सरकार का क्या फायदा?

सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई यूनिवर्सिटी का सीनेट चुनाव गुरुवार को देर रात अचानक स्थगित कर दिया गया। इस पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता, युवासेनाप्रमुख, विधायक आदित्य ठाकरे ने महाराष्ट्र की ‘घाती’ सरकार पर जोरदार हमला बोला। आदित्य ठाकरे ने कहा कि युवासेना इस चुनाव में फिर से बाजी मारेगी, ऐसा आभास हो जाने के कारण ही सरकार ने चुनाव स्थगित किया है। ‘घाती’ सरकार डरपोक है, ऐसा तंज भी इसी के साथ आदित्य ठाकरे ने कसा। सरकार आपके द्वार, चुनाव लेने से घबरा गई… ऐसी आलोचना भी उन्होंने की।
मुंबई यूनिवर्सिटी का सीनेट चुनाव १० सितंबर को होना था। मतदाता पंजीकरण और अन्य प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी थीं, लेकिन गुरुवार की रात अचानक मुंबई यूनिवर्सिटी ने एक सर्वुâलर जारी कर दिया। इसमें अगले आदेश तक चुनाव को स्थगिति दे दी गई। इसकी नाराजगी भरी प्रतिक्रिया कल छात्र संगठन और स्नातक मतदाताओं में देखी गई। युवासेनाप्रमुख आदित्य ठाकरे ने ‘मातोश्री’ निवास स्थान पर प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर यूनिवर्सिटी के फैसले की बखिया उधेड़ी।

चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद ऐसा क्या हुआ कि चुनाव अचानक स्थगित कर दिया गया? ऐसा सवाल इस दौरान आदित्य ठाकरे ने उठाया। उन्होंने कहा कि बंगाल में चुनाव के दौरान हिंसाचार को रोकने के लिए केंद्र ने सभी सुरक्षा तंत्रों को वहां भेजा था। मणिपुर में माहौल गरम है। वैसी स्थिति महाराष्ट्र में नहीं है। फिर भी चुनाव स्थगित कर दिया गया।
वर्ष २०१० में युवासेना ने चुनाव लड़ा, तब दस में से आठ उम्मीदवार चुने गए थे। साल २०१७ में दस की दस सीटें युवासेना ने जीती थीं। सभी पार्टियां हमारे खिलाफ लड़ी थीं, फिर भी युवासेना को अच्छा बहुमत मिला था। अब भी सामान्य तौर पर सवा लाख मतदाताओं ने अपनी जेब से पैसे भरकर इस चुनाव के लिए पंजीकरण कराया था। छंटनी के बाद लगभग ९५ हजार मतदाता थे। हमारे दस प्रत्याशियों ने आवेदन पत्र भरा था। फिर चुनाव स्थगित करने की क्या जरूरत पड़ी? कुछ गड़बड़ी तो नहीं हुई न? ये सवाल भी आदित्य ठाकरे ने पूछा। सुशिक्षित मतदाताओं की चूक है क्या? उनकी आवाज सीनेट तक नहीं जानी चाहिए क्या? ऐसा भी उन्होंने कहा।
असंवैधानिक मुख्यमंत्री चुनाव से घबरा रहे
इस मुद्दे पर आदित्य ठाकरे ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर भी निशाना साधा। प्रदेश के असंवैधानिक मुख्यमंत्री एक नंबर के डरपोक हैं। डर रहे थे इसीलिए ही उन्होंने भाजपा में छलांग लगाई, ऐसा उन्होंने कहा।
आपकी सरकार सीनेट नहीं, हम गिराएंगे
सीनेट चुनाव से क्यों घबराते हो? आपकी सरकार सीनेट नहीं गिराएगी, आपकी सरकार हम गिराएंगे, ऐसी चेतावनी भी आदित्य ठाकरे ने ‘घाती’ सरकार को दी। आदित्य ठाकरे ने यह भी कहा कि पिछले साल स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा और घाती गुट की हार हुई इसलिए वे सीनेट चुनाव से घबरा रहे हैं, ऐसा भी आदित्य ठाकरे ने कहा।
शिवसेना नेता कुलपति से मांगेंगे जवाब
आदित्य ठाकरे ने कहा कि स्थगन के मुद्दे पर हम कोर्ट अथवा कुलपति के पास नहीं जाएंगे, बल्कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्ष के नेता कुलपति से मिलेंगे और उनसे जवाब मांगेंगे।
लोकसभा चुनाव भी स्थगित होगा
आदित्य ठाकरे ने यह भी आशंका जताई कि २०२४ का लोकसभा चुनाव भी स्थगित किया जाएगा। उन्होंने आलोचना करते हुए कहा कि सरकार कोई चुनाव नहीं कराना चाहती, सिर्फ नियुक्तियां कर जीतना है।

 

असंवैधानिक मुख्यमंत्री का दबाव तो नहीं ना?
यह बैठक कहां हुई, कितने बजे हुई, किसके घर पर हुई, बैठक में कौन मौजूद था, कुछ मिनिट्स हैं क्या, बैठक में राज्यपाल मौजूद थे क्या, या असंवैधानिक मुख्यमंत्री के दबाव में यूनिवर्सिटी ने स्थगित करने का निर्णय ले लिया? ऐसा एक के बाद एक सवालों से ‘घाती’ सरकार भाग रही है, ऐसा तंज आदित्य ठाकरे ने कसा। उन्होंने कहा कि चुनाव को स्थगित किए, फिर वो होगा कब इसे लेकर भी स्पष्ट करना चाहिए, ऐसा उन्होंने कहा।

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