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बद्री से नजदीकियां बनीं श्रद्धा का काल …. बदले की भावना से आफताब बना हैवान

सामना संवाददाता / मुंबई
सनसनीखेज श्रद्धा वालकर मर्डर केस में पुलिस की उलझने खत्म ही नहीं हो रही हैं। एक तरफ कत्ल की जांच कर रही दिल्ली पुलिस श्रद्धा का सिर और शरीर के कई अंग अभी भी ढूंढ़ नहीं पाई है, तो वहीं श्रद्धा व लिव-इन पार्टनर और कातिल आफताब पूनावाला गूनाह कबूल करने के बाद भी पुलिस को ये कहकर मुंह चिढ़ाता है कि दम है तो शरीर के टुकड़े और औजार बरामद करके दिखाओ। इसी बीच दिल्ली पुलिस को पता चला है कि बद्री से बढ़ती नजदीकियों के कारण आफताब ने श्रद्धा को मौत के घाट उतारा था।
बताया जा रहा है कि आफताब के बुरे बर्ताव से आहत श्रद्धा उससे दूर होने की तैयारी कर रही थीं। उसी दौरान दिल्ली पहुंचने पर श्रद्धा की बद्री के साथ नजदीकियां बढ़ने लगी थीं। इसे देखकर आफताब डर गया था। उसे लगा कि श्रद्धा कभी भी अपने साथ होने वाली मारपीट की बातें बद्री को बता सकती है या फिर वह बद्री के साथ पुलिस के पास जाकर शिकायत कर सकती है। इसी बात को लेकर एक दिन बद्री के फ्लैट पर श्रद्धा और आफताब के बीच मारपीट भी हुई। उसी दिन जब श्रद्धा छत पर बैठी थी तो आफताब ने उसकी हत्या का प्लान बना लिया। इसी दौरान उसने यह भी तय कर लिया कि वह शव को छतरपुर के जंगलों में ठिकाने लगा देगा। यह खुलासा दिल्ली पुलिस की ओर से गठित एसआईटी की जांच में हुआ है। पुलिस ने आफताब और श्रद्धा के कॉमन दोस्त बद्री से पूछताछ करने के बाद मजिस्ट्रेट के सामने सीआरपीसी की धारा १६४ के तहत कलमबंद बयान दर्ज कराए हैं। इसमें बद्री ने आफताब और श्रद्धा के बीच की पूरी कहानी बताई है। पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि बद्री की आफताब और श्रद्धा से पहली मुलाकात हाल ही में हिमाचल भ्रमण के दौरान हुई थी।

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