मुख्यपृष्ठनए समाचार४० दिनों बाद महाराष्ट्र के नसीब में आधी से भी कम सरकार!

४० दिनों बाद महाराष्ट्र के नसीब में आधी से भी कम सरकार!

सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य की जनता को करीब ४० दिन बाद कल मंत्रिमंडल नसीब होगा। लेकिन यह मंत्रिमंडल भी केवल ४२ प्रतिशत का ही होगा, यानी ५८ प्रतिशत पर अब भी सस्पेंस कायम है। आज होनेवाले मंत्रिमंडल विस्तार में दोनों तरफ से ९-९ मंत्री बनाए जाएंगे। इस प्रकार कुल १८ लोगों को मौका दिया जाएगा। इन सबके बावजूद २५ लोग अब भी वेटिंग में हैं।
शपथ लेने के लिए शिंदे गुट के सभी लोगों ने कोट सिलाकर तैयार रखा है पर मंत्री पद की ‘मालाएं’ किस-किसके गले में पड़ेंगी, इसको लेकर राजनीतिक गलियारे में उत्सुकता बनी हुई है। महाविकास आघाड़ी के खिलाफ बगावत कर सत्ता में आने के बाद शिंदे-फडणवीस कैबिनेट  विस्तार के लिए दिल्ली का चक्कर लगाते रहे, लेकिन कोई हल नहीं हो रहा था। दिल्ली से भाजपा के नेताओं द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने के बाद, राज्य में कैबिनेट  विस्तार की हलचल तेज हो गई है। दो दिनों तक दिल्ली में रहे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई लौटने पर करीब ढाई घंटे तक बैठक की और कैबिनेट  में संभावित नामों पर चर्चा की। उसके बाद शिंदे पूर्व नियोजित यात्रा के लिए नांदेड़ रवाना हो गए। उनके देर रात मुंबई पहुंचने पर कैबिनेट सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। शिंदे-फडणवीस इस बात पर जोर दे रहे हैं कि स्वच्छ छविवाले चेहरों को विस्तार का मौका दिया जाए और इस मानदंड पर खरा कौन उतरता है, हर कोई यह देखने के लिए उत्सुक है।
मंत्री पद की संभावित सूची में जिन विधायकों का नाम था, उन्हें भाजपा और शिंदे गुटों से बुलाया गया था। उन्हें बताया गया है कि कल मंगलवार सुबह नौ बजे सह्याद्रि में बैठक होगी। उन्हें कैबिनेट  में नाम दिए जाने का स्पष्ट संदेश दिए बिना सुबह बैठक में आने को कहा गया है। ऐसे में उनका डर और बढ़ गया है।
कई लोग असमंजस में हैं कि शपथ समारोह में अपने परिवार को साथ लेकर जाएं या अकेले मुंबई जाएं?
विधान परिषद के किसी को मौका नहीं
विधान परिषद के सदस्य प्रवीण दरेकर, प्रसाद लाड, गोपीचंद पडलकर, चंद्रशेखर बावनकुले, महादेव जानकर मंत्री पद के इच्छुक हैं। चर्चा है कि परिषद के किसी को अभी मंत्री पद का मौका नहीं दिया जाएगा।
भाजपा की शॉक तकनीक
कैबिनेट विस्तार में संभावना है कि भाजपा कुछ नए चेहरों को मौका देगी, जो चर्चा में संभावित नामों से अलग हैं और जिनका भविष्य में पार्टी संगठन के लिए ज्यादा-से-ज्यादा इस्तेमाल किया जा सकता है। जयकुमार रावल और संजय कुटे और चंद्रशेखर बावनकुले को फडणवीस का करीबी माना जाता है। फडणवीस इन्हें अपने मंत्रिमंडल में शामिल करने के लिए इच्छुक थे, लेकिन भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने उनके नाम पर ताला लगा दिया। हालांकि चंद्रकांत पाटील, सुधीर मुनगंटीवार, राधाकृष्ण विखे पाटील, गिरीश महाजन, विजयकुमार गावित, रवींद्र चव्हाण, सुरेश खाड़े, मंगलप्रभात लोढ़ा के नाम तय बताए जा रहे हैं। कुछ नामों पर रणनीति का इस्तेमाल करते हुए ऐन मौके पर शॉक दिया जाएगा। यानी उनके नाम बदल दिए जाएंगे।
शेलार को प्रदेश अध्यक्ष पद की लॉटरी?
नए कैबिनेट में चंद्रकांत पाटील को मंत्री बनाया जाना लगभग तय माना जा रहा है। इसलिए उन्हें भाजपा में एक व्यक्ति एक पद के नियमानुसार उन्हें प्रदेश अध्यक्ष का पद छोड़ना होगा। आगामी मुंबई मनपा चुनाव और उसके बाद करीब डेढ़-दो साल में लोकसभा व विधानसभा चुनाव को देखते हुए पूर्व मंत्री आशीष शेलार को प्रदेश अध्यक्ष का पद सौंपे जाने की संभावना है।

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