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दिल्ली के बाद अब चुनाव आयुक्त चयन पर बढ़ेगी तकरार! केंद्र अब चीफ जस्टिस को प्रक्रिया से हटाएगी, राज्यसभा में चुनाव आयुक्त चयन का विधेयक पेश

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने गुरुवार को राज्यसभा में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को रेगुलेट करने से जुड़ा बिल पेश किया। बिल के मुताबिक, आयुक्तों की नियुक्ति तीन सदस्यों का पैनल करेगा। पैनल में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष का नेता और वैâबिनेट का मंत्री शामिल होंगे। राज्यसभा में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी सहित अन्य विपक्षी दलों ने इस विधेयक का विरोध किया। विपक्षी दलों ने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के आदेश के खिलाफ बिल लाकर उसे कमजोर कर रही है।
पीएम का मनपसंद व्यक्ति बनेगा सीईसी
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर लिखा कि इस बिल के जरिए सरकार सुप्रीम कोर्ट का एक और पैâसला पलटने जा रही है। केजरीवाल ने दो तस्वीरें शेयर की हैं। इनमें पहले में सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर है, जिसमें मार्च २०२३ में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के पैâसले का जिक्र है। वहीं दूसरी तस्वीर में एक दस्तावेज है, जिसमें लिखा है कि सीईसी की नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और प्रधानमंत्री की ओर से नॉमिनेटेड केंद्रीय मंत्री राष्ट्रपति को सलाह दें, जिसके बाद राष्ट्रपति नियुक्ति का आदेश दें।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले ७ अगस्त को दिल्ली में सेवाओं से जुड़ा दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की सरकार (संशोधन) विधेयक, २०२३ सोमवार को संसद से पारित किया गया था। राज्यसभा ने १०२ के मुकाबले १३१ मतों से पारित किया था। मतदान से पहले वोटिंग मशीन खराब हो गई और पर्चियों के जरिये मत विभाजन कराया गया था। मतदान के लिए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह व्हील चेयर पर आए थे।
क्या कहा था सुप्रीम कोर्ट ने
सुप्रीम कोर्ट ने मार्च २०२३ में एक आदेश में कहा था कि सीईसी की नियुक्ति प्रधानमंत्री, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया और विपक्ष के नेता की सलाह पर राष्ट्रपति करें।

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