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बिहार में मछली के बाद अब सत्तू पर सियासत

अनिल मिश्र / पटना

आजादी के बाद देश में अठारहवीं लोकसभा चुनाव के मतदान का कार्य चल रहा है। इस लोकसभा चुनाव में कुल सात चरणों में मतदान होना तय है। पहले चरण का मतदान बिहार के चार संसदीय क्षेत्र सहित पूरे देश में 102 सीटों पर 19 अप्रैल को निर्विघ्न संपन्न हो गए हैं। दूसरे चरण का मतदान 26 अप्रैल को है। इस दिन बिहार के पांच संसदीय क्षेत्र पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, भागलपुर और बांका सहित देश भर के 88 लोकसभा क्षेत्र में मतदान होगा। अंतिम चरण का मतदान 1 जून को संपूर्ण होगा। 4 जून को पूरे देश की मतगणना एक साथ शुरू होगी। उसके बाद ही स्पष्ट होगा कि नरेंद्र मोदी तीसरे बार देश की कमान संभालेंगे या विपक्षी दलों का इंडिया गठबंधन दस साल के बाद फिर से भाजपा विरोधी पार्टी के कुनबा एकजुट होकर देश पर शासन करेगा।
इस लोकसभा के चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी और उसके घटक दलों द्वारा बिहार सहित पूरे देश में धुआंधार प्रचार किया जा रहा है, वहीं उसके विपक्षी पार्टी अपने अलग- अलग राज्यों में सहयोगी पार्टी के साथ मंच साझा कर इस चुनाव में भाजपा को हराने और देश को बचाने को लेकर मतदाताओं से अपील कर रहे हैं। कांग्रेस सहित महागठबंधन के सभी दल नरेंद्र मोदी और भाजपा को गरीब विरोधी के साथ-साथ संविधान बदलने से लेकर बेरोजगारी का मुद्दा, महंगाई, धर्म की राजनीति करने को लेकर घेर रहे हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी और बिहार में उसके सहयोगी जदयू, लोकजन शक्ति पार्टी (रामविलास) आदि द्वारा चैत्र नवरात्र में बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव द्वारा हेलीकॉप्टर में मछली खाने से लेकर उनके पिता लालू प्रसाद यादव पर अपने परिवार को लेकर चिंतित रहने और राजनीति में दो बेटे और दो बेटियों के लिए जगह सुरक्षित कराने का आरोप लगा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ देश के गृह मंत्री अमित शाह एवं बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार द्वारा बिहार में लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान लालू परिवार पर घोटालों के साथ-साथ परिवारवाद पर हमले किए जा रहे हैं। शनिवार और रविवार को चुनाव प्रचार के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने जहां लालू प्रसाद यादव को ज्यादा बच्चे पैदा कर राजनीति में उतारने का आरोप लगाया, वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को ही कटिहार में लालू प्रसाद यादव पर परिवारवाद के साथ-साथ पिछड़ा विरोधी एवं लालटेन युग में ले जाने का आरोप लगाए। इन दोनों को जबाव देने के लिए राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कल रविवार की रात झारखंड की राजधानी रांची में विपक्षी दलों की उलगुलान न्याय महारैली में भाग लेकर लौटने के बाद पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कहा कि संविधान बनाने बाले डाॅ. भीमराव आंबेडकर जी चौदह भाई-बहन थे। देश को आजाद कराने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस भी चौदह भाई-बहन परिवार से आते थे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई आठ भाई-बहन थे। इतना हीं नहीं खुद गृह मंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात एवं छह भाई-बहन हैं। ये इन लोग को नजर नहीं आता। तेजस्वी यादव ने अमित शाह पर तंज कसते हुए कहा कि वो बिहार आएं तो जरूर सत्तू पिएं। इससे शरीर तो ठीक रहेगा ही, साथ ही मन भी शांत रहेगा। मालूम हो कि बिहार में सत्तू बहुत ही मशहूर है। खासकर गर्मीं के मौसम में ये ज्यादा पसंद किया जाता है। इसे खाने के साथ-साथ पिया भी जाता है। गर्मीं के मौसम में घर से लेकर बड़े-बड़े शहरों व छोटे-छोटे कस्बों सहित हरेक चौक-चौराहों पर सत्तू की दुकान और ठेला जरूर मिल जाएंगे। कभी यह गरीबों का भोजन या पेट भरने का साधन हुआ करता था, लेकिन कालांतर में ये अब अमीरों का पौष्टिक आहार बनकर बिहार ही नहीं देश के साथ-साथ विदेशों में भी अपनी महक बिखेर रहा है। सत्तू का प्रचलन आदिकाल से रहा है। इसी सत्तू के महत्व को लेकर 14 अप्रैल को सतुआन अर्थात बिसुआ मनाया जाता है। प्राचीन काल में ये सात मोटे अनाज को मिलाकर यह तैयार किया जाता था। सत्तू की बात हो और लिट्टी की याद नहीं आए तो बेकार की बात है। इसी सत्तू को लिट्टी में भरा जाता है। अब देखना यह लाजिमी होगा कि लोकसभा चुनाव में बिहार का सत्तू कहां तक पहुंच पाता है।

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