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किरकिरी होने के बाद एमएसआरडीसी ने शुरू किया काम, ८ लेन का होगा मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे!

बढ़ते हादसों और ट्रैफिक के बाद जागी राज्य सरकार

सामना संवाददाता / मुंबई

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे का सफर जितना सुहाना भरा है उतना ही हादसों और ट्रैफिक भरा भी है। बीते कुछ महीनों में हादसों की संख्या काफी ज्यादा देखने को मिली, जिसमें अधिकतर हादसे मॉनसून के दौरान हुए थे। हादसों के बाद एक्सप्रेसवे ट्रैफिक से भर जाता है, जिसकी वजह से यात्रा करने वाले देरी का शिकार होते हैं।
विगत महीनों में हुए हादसों के बाद सरकार ने अब सुध ली है और यह मार्ग ८ लेन का करने का निर्णय लिया है। महाराष्ट्र में सड़कों का निर्माण करने वाला महाराष्ट्र स्टेट रोड डिवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमएसआरडीसी) ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे का विस्तार करने की अपनी योजना के तहत दो टोल प्लाजा पर चौड़ीकरण का काम शुरू कर दिया है। बता दें कि मौजूदा समय में यह एक्सप्रेसवे ६ लेन का है जिन्हें बढ़ा कर ८ लेन किया जाएगा।
२०२६ तक हो सकता है काम पूरा
फिलहाल मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे में ६ लेन मौजूद है। यह काम २०२६ तक पूरा होने की उम्मीद लगाई जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार, खालापुर से खोपोली तक ६ किमी और तलेगांव टोल प्लाजा के पास १.५ किमी की चौड़ाई के साथ ८ लेन का काम शुरू हो गया है। २ लेन बढ़ने के साथ दोनों स्थानों पर बूथ बढ़ाए जाएंगे। पहले खालापुर में १६ बूथ थे पर अब उनकी संख्या ३४ हो जाएगी। इसी के साथ तलेगांव में १६ बूथों के इजाफे से कुल २८ बूथ हो जाएंगे। यह सभी बूथ अप्रैल २०२४ तक खुलने की संभावना है।
मौत का एक्सप्रेसवे
इस एक्सप्रेसवे को मौत का एक्सप्रेसवे कहते हैं। कुछ महीने पहले एक टायर फटने से कंटेनर डिवाइडर से टकरा गया और विपरीत लेन में घुस गया। यह दुर्घटना लोनावला के पास हुई। इस हादसे से लेन पूरी तरह से ब्लॉक हो गया। इसी तरह अगस्त महिने में मुंबई-पुणे हाईवे पर भीषण दुर्घटना हुआ था। इस हादसे में धुले में हाईवे होटल से ट्रक टकराने से १२ लोगों की मौत हुई थी और २० से अधिक घायल हुए थे।

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