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केरल और गोवा के बाद महाराष्ट्र में घुसा ‘जेएन.१’ …एक दिन में १ से बढ़कर २१ हुए कोरोना के नए मामले

सामना संवाददाता / मुंबई
देशभर में एक बार फिर कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। महाराष्ट्र में इसका नया वैरिएंट ‘जेएन.१’ घुस आया है। कोरोना के सब-वेरिएंट जेएन.१ के अब तक २१ मामले सामने आ चुके हैं। एक दिन पहले तक सिर्फ १ मरीज था, जबकि अगले दिन २१ मरीज हो गए। गोवा, केरल और महाराष्ट्र में नए कोरोना वायरस वैरिएंट के मामले सामने आए हैं, अकेले गोवा में अब तक इस सब वैरिएंट के १९ मामले सामने आ चुके हैं। केरल और महाराष्ट्र में एक-एक मामले का पता चला है।
कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट का ही सब वैरिएंट जेएन.१ पिछले कुछ हफ्तों में सबसे तेजी से पैâलने वाले वायरस में से एक बन गया है। देशभर में कोविड के बढ़ रहे मामलों के बीच, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने बुधवार को कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। पॉल ने कहा कि भारत में वैज्ञानिक नए वैरिएंट पर कड़ी नजर रख रहे हैं। हालांकि, वीके पॉल ने राज्यों को कोविड की तैयारी बढ़ाने, परीक्षण बढ़ाने और अपनी निगरानी प्रणालियों को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस बीच, केंद्र ने देशभर में कोविड के मामले बढ़ने के कारण राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सतर्क रहने को कहा है। राज्यों को नियमित आधार पर सभी स्वास्थ्य सुविधाओं में जिलेवार इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी और गंभीर तेज फैलने वाली सांस की बीमारी के मामलों की निगरानी करने और उन्हें रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है। कोरोना के नए सब वैरिएंट जेएन.१ के बारे में सामने आया है कि इसका सबसे पहला केस अगस्त में लक्जमबर्ग में पाया गया था। इसके बाद यह धीरे-धीरे ३६ से ४० देशों में फैल गया। डब्ल्यूएचओ ने इसे ‘वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ कहा है। कोविड के चलते बीते दो हफ्ते में देश के अंदर १६ मौतें हुई हैं। इन लोगों को पहले से कई गंभीर बीमारी थीं। यानी ये लोग कोमोरबिडिटीज से पीड़ित थे। हाल ही में १५ दिसंबर को बंगलुरु के एक निजी अस्पताल में एक व्यक्ति की कोरोना संक्रमण से मृत्यु हुई थी। वह भी दूसरी कई बीमारियों से पीड़ित था। इस रोगी का सैंपल इकट्ठा कर जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेज दिया गया है।
शेयर बाजार में ‘कोरोना’ का हमला
नए वैरिएंट की खबर से लगी ९ लाख करोड़ की चपत
सामना संवाददाता / मुंबई
शेयर बाजार में बुधवार को रिकॉर्ड बढ़ोतरी और रिकॉर्ड गिरावट कुछ ही घंटे के अंतराल में देखने को मिली। सेंसेक्स निफ्टी ऑल टाइम हाई लेवल पर पहुंचने के बाद तेजी से धड़ाम हो गया। इस बड़ी गिरावट की वजह काफी समय बाद कोविड-१९ के नए सब वैरिएंट का हमला माना जा रहा है। नए मामलों में बढ़ोतरी का असर शेयर बाजार में देखने को मिला है। इससे कल निवेशकों को ९ लाख करोड़ रुपए की चपत लगी है।
बता दें कि २४ घंटे के दौरान आए ६१४ नए मामलों ने लोगों को ही नहीं, बल्कि शेयर बाजार को भी डरा दिया। वहीं विदेशी निवेशकों ने शेयर बाजार से बड़ी रकम की निकासी कर डाली। २० दिसंबर को टॉप ३० शेयरों वाले सेंसेक्स ९३१ अंक या १.३० प्रतिशत गिरकर ७०,५०६ पर बंद हुआ, जबकि एनएससी बेंचमार्क ३०३ अंक या १.४१ प्रतिशत गिरकर २१,१५० पर बंद हुआ। सेंसेक्स के ३० में से ३० शेयरों में गिरावट हुई, जबकि ऑटो, मेटल बैंक निफ्टी सेंसेक्स और सर्विस समेत लगभग सभी सेक्‍टर में बिकवाली देखी गई। इस बड़ी गिरावट के कारण बीएसई एम-वैâप के लगभग ९.१ लाख करोड़ रुपए डूब गए। सेंसेक्‍स के ३,९२१ शेयरों में से ३,१७८ शेयरों में गिरावट और ६५७ शेयरों में तेजी रही, जबकि ८६ स्टॉक अपरिवर्तित रहे।

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