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रणबीर कपूर के बाद हुमा कुरैशी, हिना खान और कपिल शर्मा को ‘ईडी’ का नोटिस … सितारों पर दबाव!, मकसद क्या?

पब्लिक का अनुमान
• बॉलीवुड को मुंबई से हिलाने की साजिश
•  चुनाव प्रचार में सत्ता को चाहिए समर्थन
•  भाजपा शासित राज्यों में चाहते हैं ज्यादा फोकस

जितेंद्र मल्लाह / मुंबई
पूरे देश पर एकछत्र राज करने का मंसूबा रखनेवाली पीएम नरेंद्र मोदी की नई ‘भाजपा’ केंद्रीय एजेंसियों के जरिए न सिर्फ विरोधी दलों और उनके नेताओं को बदनाम करने, तोड़ने या खत्म करने का हरसंभव प्रयास करती है बल्कि केंद्र सरकार और भाजपा विरोधी दलों के शासन वाले राज्यों में सरकार के प्रति जनता में असंतोष बढ़ाने के लिए वहां रोजगार को भी प्रभावित करने का प्रयास करती है, ऐसे आरोप विपक्षी दलों की ओर से लगातार लगाए जाते रहे हैं। मुंबई में रोजगार के नजरिए से महत्व रखने वाला बॉलीवुड भी इसी वजह से बीते कुछ वर्षों में केंद्रीय एजेसियों के निशाने पर रहा है। बॉलीवुड पर दबाव बनाने के प्रयासों के दौरान किरकिरी झेल चुकी एनसीबी अब शांत हो गई है, लेकिन एनसीबी की जगह अब प्रवर्तन निदेशालय यानी ‘ईडी’ ने मोर्चा संभाल लिया है। महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग को हथियार बनाकर पहले रणबीर कपूर को नेटिस भेज चुकी ईडी ने अब अभिनेत्री हुमा कुरैशी, हिना खान और कॉमेडी किंग के नाम से मशहूर कपिल शर्मा को नोटिस भेजा है। इस पर लोग हैरानी जताते हुए लोग सवाल खड़ें कर रहे हैं।
बता दें कि ‘महादेव बुक’ ऑनलाइन बेटिंग ऐप के मामले में अभिनेता रणबीर कपूर को समन भेजने के बाद ‘ईडी’ ने बॉलीवुड के कुछ और बड़े सितारों को तलब किया है। इन जाने माने सितारों में मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा, अभिनेत्री हुमा कुरैशी और हिना खान का नाम शामिल है।
ईडी की कार्रवाई पर सवाल
गौरतलब हो कि महाराष्ट्र के सभी विपक्षी दल भाजपा और केंद्र की मोदी सरकार पर देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और प्रगतीशील विचारों वाले राज्य महाराष्ट्र के महत्व को खत्म करने के प्रयास करने का आरोप लगाते रहे हैं। महाराष्ट्र में आनेवाली कई संभावित कंपनियों को गुजरात ले जाकर भाजपा और केंद्र सरकार ने विपक्ष के आरोपों को सही भी साबित किया है।

इतना ही नहीं मुंबई की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान रखनेवाला बॉलीवुड भी भाजपा और केंद्र सरकार के निशाने पर रहा है। इसके लिए यूपी तथा कई दूसरे भाजपा शासित राज्यों में फिल्म उद्योग को योजनाबद्ध ढंग से बढ़ावा दिया जा रहा है। इसीलिए बॉलीवुड को जानबूझकर बदनाम और बर्बाद किया जा रहा है। ऐसा आरोप लगाते हुए अब मुंबई की जनता सवाल पूछ रही है कि दुबई में बैठकर हिंदुस्थान में बेटिंग ऐप चलानेवाले महादेव बेटिंग ऐप के खिलाफ केंद्र सरकार या उसकी केंद्रीय जांच एजेंसियों ने पहले कार्रवाई क्यों नहीं की? लोगों के बीच ऐसी चर्चा है कि केंद्र सरकार अब ‘ईडी’ के जरिए बॉलीवुड और उससे जुड़े लोगों को बदनाम और बर्बाद करने का प्रयास तो नहीं कर रही है? क्या केंद्र सरकार बॉलीवुड से जुड़े लोगों पर दबाव बनाने के लिए ऐसा कर रही है, ताकि बॉलीवुड छोड़कर इंडस्ट्री से जुड़े लोग अपना फोकस भाजपा शासित दूसरे राज्यों में बढ़ा सकें। इतना ही नहीं लोकसभा तथा मध्य प्रदेश, राजस्थान सहित अन्य कई राज्यों में होनेवाले चुनावों में भी भाजपा इन फिल्मी सितारों को प्रचार के लिए इस्तेमाल करने के लिए तो ऐसा नहीं कर रही है, ऐसे सवाल जनता के मन में उठ रहे हैं।
शादी में शान देखकर चौंधियाई एजेंसी
गौरतलब हो कि महादेव बेटिंग ऐप के खिलाफ ‘ईडी’ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है। ये ऐप २०० करोड़ की शादी के बाद ईडी के रडार पर आया था। इसी साल के प्रारंभ में (फरवरी महीने में) संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित एक शादी में २०० करोड़ रुपए नगद खर्च किए गए। छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहनेवाले सौरभ चंद्राकर के इस विवाह समारोह में रिश्तेदार प्राइवेट जेट से हिंदुस्थान से यूएई आए गए। समारोह में बॉलीवुड के कई बड़े सेलेब्रिटीज ने परफॉर्म किया था। इस चकाचौंध से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की आंखें चौंधिया गई। और सौरभ का ‘महादेव ऑनलाइन ऐप’ जांच एजेंसी के रडार पर आया। जो कि बॉलीवुड सेलेब्रिटीज के लिए मुसीबतों का सबब बन गया। हालांकि बॉलीवुड एक्टर रणबीर कपूर ने एजेंसी से पेशी के लिए दो हफ्ते की मोहलत मांगी है।

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