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मनपा आयुक्त की मध्यस्थता के बाद डंपिंग ग्राउंड में 22 नवंबर तक कचरा फेंकने की मिली सहमति

– डंपिंग ग्राउंड तो खुल गया, पर एक सप्ताह में स्थाई समाधान निकलने की चुनौती

सामना संवाददाता / भिवंडी

भिवंडी के चविद्रा इलाके में मनपा द्वारा बनाए गए डंपिंग ग्राउंड स्थानीय लोगों के विरोध के बाद नौ नवंबर से बंद हो गया था, जिसके बाद शहर में कचरे का अंबार लग गया था, जिसके बाद मनपा आयुक्त अजय वैद्य ने चाविंद्रा गाव विकास समिति के साथ बैठक किया, जिसके बाद फिलहाल बंद डंपिंग ग्राउंड को आगामी 22 नवंबर तक कचरा डालने की अखिरकार सहमति बन गई है, लेकिन इसके पहले ही मनपा प्रशासन द्वारा इसका स्थाई समस्या निकालना चुनौती बन गई है, जिसका समाधान खोजने की पहल फिलहाल प्रशासन द्वारा शुरू है।
मालूम हो कि भिवंडी मनपा प्रशासन द्वारा पिछले 10 वर्षों से स्थानीय गायत्री नगर के रामनगर इलाके में सिटी सर्वे नंबर 106 के 5000 चौरस मीटर जगह कोें डंपिंग ग्राउंड बना कर वहां पर शहर में निकलने वाला तकरीबन 550 टन कचरा रोजाना डंप करती है, जबकि यह जगह सिटी पार्क के लिए आरक्षित है। जहां पर मनपा स्वास्थ्य विभाग न तो कीटनाशक दवा का छिड़काव करती है और नहीं ही अन्य नियमों का पालन करती है, बल्कि डंप लिए जाने वाले कचरे को जलाया जाता था। इस कारण डंपिंग ग्राउंड से उठने वाली दमघोटू बदबू व धुंआ ने स्थानीय लोगों का जीना ही मुश्किल कर दिया है, जिसके कारण रामनगर, अपनानगर, फतमानगर, गायत्रीनगर के लोगों ने चाविंद्रा गांव विकास समिति के बैनरतले तीन पूर्व नगरसेवकों के नेतृत्व में गुरुवार को सड़क पर उतरकर डंपिंग ग्राउंड में कचरा फेंकने का जोरदार विरोध करते हुए डंपिंग ग्राउंड बंद करा दिया था, जिसके कारण प्रशासन द्वारा शहर में कचरा नहीं उठाया जा रहा था, जिसके कारण पूरे शहर में जगह-जगह कचरे का अंबार लग गया था, जिससे उठने वाली बदबू ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया था, जिसके बाद दिवाली के दूसरे दिन मनपा आयुक्त अजय वैद्य, स्वास्थ्य अधिकारी हेमंत गुलवी, सहायक आयुक्त सुदाम जाधव व जनसंपर्क अधिकारी मिलिंद पलसुले के साथ खुद डंपिंग ग्राउंड पर पहुंचकर डंपिंग ग्राउंड में कचरा डालने का विरोध करने वाले चाविंद्रा गांव विकास समिति के लोगों के साथ बैठक कर उनसे हर पहलू पर चर्चा किया। आयुक्त की सूझ-बूझ के कारण समिति के लोगों ने आगामी 22 नवंबर तक डंपिंग ग्राउंड में प्रशासन द्वारा कचरा डंप करने पर अपनी सहमति प्रदान कर दी है। उक्त जानकर आयुक्त अजय वैद्य ने देते हुए बताया कि 22 नवंबर को पुनः समिति के लोगों के साथ बैठक कर कचरे के डंपिंग ग्राउंड की समस्या स्थाई समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल शहर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरे शहर से कचरा उठाने की प्रक्रिया दुगुनी गति से शुरू की गई है।
सरकार द्वारा दिए गए डंपिंग ग्राउंड पर बिल्डरों का कब्जा
भिवंडी मनपा के पास फिलहाल शहर में रोजाना निकलने वाले कचरे को डंप करने के लिए खुद का डंपिंग ग्राउंड नहीं है, हालांकि सूत्र बताते हैं कि स्थानीय दापोड़ा ग्राम पंचायत के अंतर्गत न्यायालय के आदेश पर महाराष्ट्र शासन ने कई वर्ष पूर्व भिवंडी मनपा क्षेत्र में निकलने वाले कचरे को डंप करने के लिए डंपिंग ग्राउंड हेतु 25 एकड़ जमीन आरक्षित किया था, जहां पर अधिकारियों से मिलकर कई बिल्डरों ने अपना कब्जा जमा रखा है। साथ ही गांववालों ने डंपिंग ग्राउंड के विरुद्ध मुहिम चलाकर डंपिंग ग्राउंड शुरू होने से पहले ही इसे हमेशा के लिए बंद करा दिया था। उक्त आरक्षित जमीन को कब्जे में लेने के लिए मनपा की तरफ से कोई सार्थक प्रयास नहीं किया गया, लेकिन मनपा आयुक्त अजय वैद्य का कहना है कि कचरे की स्थाई समस्या के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

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