मुख्यपृष्ठनए समाचारएसी लोकल के चक्कर में यात्रियों की ‘ऐसी-तैसी'!

एसी लोकल के चक्कर में यात्रियों की ‘ऐसी-तैसी’!

सुजीत गुप्ता / मुंबई
मुंबई के उपनगरीय रेल मार्ग पर सेवा में शामिल की गई एसी लोकल को भले ही धीर-धीरे अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है लेकिन इन एसी लोकल सेवाओं के चक्कर में उन यात्रियों की ऐसी-तैसी हो रही है, जो साधारण लोकल में सफर करते हैं। एसी लोकल सेवाओं के कारण एक तो साधारण लोकल में भीड़ बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर प्लेटफॉर्म पर भी यात्रियों को व्यस्ततम समय में खड़े रहने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में एसी लोकल सेवाएं बढ़ने से औसतन रोजाना दो लाख यात्रियों का सफर प्रभावित हो गया है, जो रोज अपने समय पर साधारण लोकल से सफर करते हैं।
बता दें कि एक तो एसी लोकल का किराया आम जनता की पहुंच से बाहर है। महंगा किराया होने के कारण साधारण लोकल में सफर करनेवाले यात्री एसी का टिकट नहीं खरीद पा रहे हैं। किसी रूट पर यदि साधारण लोकल को हटाकर एक एसी लोकल, सेवा में शामिल की जाती है तो १० से १२ साधारण लोकल की सेवाएं प्रभावित होती हैं। ऐसे में उस रूट पर साधारण लोकल में सफर करनेवाले यात्रियों का सफर और समय दोनों प्रभावित होता है। क्योंकि साधारण लोकल का हर यात्री एसी का टिकट लेकर सफर करने के लिए सक्षम नहीं है। ऐसे में एसी लोकल के स्टेशन से छूटने के बाद अगली लोकल जो ‘साधारण’ लोकल होती है, उसमें यात्रियों की भीड़ डबल हो जाती है। कई यात्री ट्रेन में चढ़ भी नहीं पाते हैं।
चल रही है ११४ एसी लोकल सर्विस
वर्तमान में उपनगरीय मार्ग पर ११४ एसी लोकल सेवाएं चल रही हैं। इनमें से ६६ एसी लोकल सेवाएं मध्य रेलवे और ४५ एसी लोकल सेवाएं पश्चिम रेलवे मार्ग पर दौड़ रही हैं। उपरोक्त ११४ एसी लोकल सेवाओं में से ३६ एसी लोकल सेवाएं ठाणे-दिवा मार्ग के नए कॉरिडोर पर चलाई जा रही हैं। नया पाथ होने के कारण इस रूट पर साधारण लोकल सेवाओं को रिप्लेस नहीं किया गया हैं। जबकि शेष ७८ एसी लोकल की जो सेवाएं संचालित हो रही हैं उन्हें साधारण लोकल सेवाओं की जगह पर रिप्लेस कर चलाया जा रहा है। ऐसे में ७८ साधारण लोकल में सफर करनेवाले यात्री काफी प्रभावित हो रहे हैं। एक लोकल में औसत २,५०० यात्री भी पकड़ें तो रोजाना एसी लोकल के कारण साधारण लोकल से सफर करनेवाले करीब दो लाख यात्री प्रभावित हो रहे हैं।
उपनगरीय मार्ग पर फिलहाल पर्याप्त एसी लोकल नहीं है। रेलवे को यदि रेग्युलर टाइम पर एसी लोकल चलाना ही है तो किराया कम कर दे। एसी लोकल में सफर करनेवाले यात्रियों का अनुपात अभी कम है। कुछ महीने ट्रायल पर इसे किया जा सकता है लेकिन रेलवे की इच्छा शक्ति नहीं है कुछ करने की।
राजीव सिंघल, सदस्य पूर्व जेडआरयूसीसी

रेलवे एसी लोकल का टाइम टेबल बनाती है तो प्रवासी संगठनों को विश्वास में नहीं लेती है। एसी लोकल चलाना है तो एक्स्ट्रा टाइम में चलाओ रेग्युलर टाइम में एसी लोकल चलाएंगे तो साधारण लोकल के यात्रियों को दिक्कत तो आएगी ना। रेलवे की ये हुकुमशाही हैं। मनमाना कारभार। अभी यात्रियों का गुस्सा एक बार फूटा है। रेलवे नहीं मानी तो आगे भी यात्री बड़ा आंदोलन कर सकते हैं।
नंदकुमार देशमुख, (अध्यक्ष, ठाणे रेल प्रवासी संगठन)

अन्य समाचार