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अजीत दादा की ‘होमटाऊन’ में पकड़ हुई ढीली! … महिलाएं असुरक्षित रेप के मामले चरम पर

सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र की दूसरी राजधानी और शिक्षा की राजधानी, सांस्कृतिक नगरी, स्मार्ट सिटी और अब कॉस्मोपॉलिटन सिटी के नाम से मशहूर पुणे पिछले कुछ सालों से अपराध के चंगुल में फंसता जा रहा है। हर तरह के यहां अपराध के मामले बढ़ते जा रहे हैं। मात्र एक साल में यहां रेप के सबसे अधिक लगभग ४०० मामले सामने आए हैं। यह आंकड़े सभी को चौंकानेवाले हैं। पुणे में पिछले तीन सालों में रेप के मामलों में काफी बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल २०२३ में नवंबर तक रेप के ३९४ मामले सामने आए हैं। इन आंकड़ों को देखने से पता चलता है कि पुणे में लड़कियां और महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। राज्य में जबसे घाती शिंदे सरकार आई है, तबसे राज्य की कानून-व्यवस्था बहुत खराब हो गई है। गड़बड़ कानून-व्यवस्था को लेकर समय-समय पर विपक्ष भी आवाज उठाता रहा है, लेकिन गृह मंत्री की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। पुणे में अपराध बढ़ने और खासकर महिलाओं की असुरक्षा के मुद्दे पर अब अजीत पवार का टेंशन बढ़ गया है। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार सवालों के घेरे में हैं, जब राज्य के उपमुख्यमंत्री अजीतदादा का होमटाउन ही सुरक्षित नहीं है, वहां महिलाएं असुरक्षित हैं तो राज्य के बाकी हिस्सों का क्या होगा? पुणे में अपराध क्यों बढ़े हैं? बलात्कार की दर क्यों बढ़ी है? इसके पीछे क्या कारण है? अब इन सभी सवालों के जवाब जनता अजीत पवार से पूछ रही है।
हर दिन एक लड़की से बलात्कार के मामले
पुणे शहर दिन-ब-दिन विकसित हो रहा है। पुणे की जनसंख्या बढ़ रही है। न केवल राज्य भर से, बल्कि देश भर से कई परिवार पुणे में बस रहे हैं। एक तरह से कहें तो वह मुंबई की तरह कास्मोपोलिटन सिटी की तरह विकास कर रहा है। ऐसे में यहां साल भर में बलात्कार के ३९४ अपराध दर्ज किए गए हैं। इसका मतलब है कि हर दिन कम से कम एक महिला या लड़की के साथ बलात्कार हुआ है। ये संख्या वाकई बहुत डरावनी है। यहां नाबालिग लड़कियों से बलात्कार की दर भी अधिक है। इनमें सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती करके किए गए रेप, शादी का प्रलोभन देकर किए गए रेप शामिल हैं। नाबालिग लड़कियों को प्यार के जाल में फंसाकर उनके साथ शारीरिक संबंध बनाने के कई मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही सबसे अहम बात यह है कि रेप के मामले लिव-इन में रहनेवालों के आरोपों के कारण भी दर्ज किए जाते हैं।
लिव-इन रिलेशनशिप में रहनेवालों की ज्यादा शिकायतें?
मनोचिकित्सक डॉ. निकेतन कसार का कहना है कि अक्सर दुष्कर्म के अलग-अलग मामले सामने आते हैं, लेकिन ज्यादातर मामले लिव-इन में रहनेवाले युवाओं के हैं। भारत में महिलाओं से बलात्कार की शिकायतें अधिक हैं। लिव-इन जोड़े का रिश्ता शादी और विभिन्न चीजों पर आधारित नहीं होता है। अक्सर युवा लड़के-लड़कियां लिव-इन रिलेशनशिप में रहते हुए दोस्ती, साथ निभाने या एक-दूसरे को भावनात्मक सहयोग देने के आधार पर लिव-इन रिलेशनशिप में रहते हैं, लेकिन अपने अलग-अलग कारणों से विवाद पैदा हो जाते हैं और उसके बाद विवाद बढ़ जाता है और आरोप-प्रत्यारोप लगने लगते हैं। इस कारण बलात्कार की शिकायतों की संख्या भी अधिक है।

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