मुख्यपृष्ठनए समाचार‘अग्निपथ' पर लाल हुए अखिलेश! भाजपा जारी करे समर्थकों की सूची

‘अग्निपथ’ पर लाल हुए अखिलेश! भाजपा जारी करे समर्थकों की सूची

सामना संवाददाता / लखनऊ
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अग्निपथ स्कीम को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। अखिलेश ने कहा कि भाजपा जिस तरह अपने समर्थकों से ‘अग्निवीर’ के तथाकथित फायदे गिनवाने में लगी है, उससे अच्छा होगा कि वह अपने उन सदस्यों-समर्थकों की सूची जारी करे, जो इस योजना में अपने बच्चों को भेज रहे हैं। प्रवचन देने से अच्छा है कि भाजपाई खुद उदाहरण पेश करें। भाजपा युवाओं का अपमान बंद करे।
भाजपा का रवैया नौजवान विरोधी
इससे पहले सपा प्रमुख ने कहा था कि भाजपा का रवैया शुरू से ही किसान व नौजवान विरोधी रहा है। सैन्य भर्ती में खानापूर्ति करने वाला जो लापरवाह रुख अपनाया जा रहा है, वह देश के युवाओं में आक्रोश पैदा कर रहा है। चारों ओर हो रहा विरोध यह दर्शा रहा है कि भाजपा ने जनाधार खो दिया है। ‘अग्निपथ’ की नीति सरकार ने बनाई है, इसलिए सरकार और सत्ताधारी दल के प्रवक्ता किसी और को आगे न करें।
उद्योगपतियों से अधिक देश की सुरक्षा
अमीर उद्योगपतियों की आय की सुरक्षा से अधिक देश की सुरक्षा जरूरी है। इसलिए जो भी बजट कम पड़ रहा है, सरकार कॉरपोरेट पर अतिरिक्त कर लगाए, देश की सुरक्षा के साथ समझौता न करें। ठेकेदारी प्रथा सच्चे देशभक्त युवकों के साथ विश्वासघात है। अखिलेश ने कहा कि युवा शक्ति का इस्तेमाल रचनात्मक होना चाहिए। राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सकारात्मक भूमिका होनी चाहिए।
‘अग्निपथ’ के प्रति नौजवानों में गुस्सा
सपा मुखिया ने कहा था कि भाजपा सरकार की सेना में भर्ती की नई योजना ‘अग्निपथ’ के प्रति नौजवानों में गुस्सा दिखाई दे रहा है। देश-प्रेम की भावना के साथ मेहनत कर कई वर्षों से तैयारी करनेवाले युवाओं को सेना में भर्ती के नाम पर भाजपा सरकार ने चार साल का धोखा दिया है। सरकार के खिलाफ युवा शक्ति का एकजुट होना साबित करता है कि इनके सब्र का बांध टूट गया है।
चार साल की नौकरी से क्या होगा?
पिछले कई साल से सेना में भर्ती नहीं हो पाई है, जो भर्तियां हुर्इं वह भी कोविड से प्रभावित हो गईं। अब उन्हें निरस्त किया जा रहा है। इसमें जो लोग पास हो चुके हैं, जिनका मेडिकल हो चुका है, उन्हें भी अब चार साल के लिए नौकरी मिलेगी। फिर चार साल के बाद क्या होगा? यह घोर अन्याय है।

 

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