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दिल्ली पहुंचे सभी राष्ट्राध्यक्ष, सम्मेलन का कल पहला सेशन  …दिल्ली में शुरू हुआ जी-20 का 18वां एडिशन

रमेश ठाकुर / नई दिल्ली

प्रगति मैदान के ‘भारत मंडपम’ अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी-कन्वेंशन सेंटर में कल से शुरू हो रहे दो दिनी 18वें जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने को सभी देशों के राष्ट्राध्यक्ष दिल्ली पहुंच गए हैं। उनका एक-एक करके केंद्र सरकार के 20 मंत्रियों ने हवाई अड्डे पर पहुंचकर अगुआई की। शुक्रवार को सबसे पहले इंग्लैंड के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक पहुंचे, उनका स्वागत केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने किया। उनके बाद अन्य देशों के अतिथियों के आने का सिलसिला चलता रहा। मेहमानों के आने-जाने वाले सभी रास्तों पर आम लोगों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया। शाम होने तक सभी राष्ट्राध्यक्ष दिल्ली पहुंच गए। कुछ अतिथि बृहस्पतिवार को ही पहुंच गए थे। दिल्ली के विभिन्न 18 होटलों में उनके ठहरने की व्यवस्था की गई है। आज दस बजे से बैठकों का दौर शुरू होगा। कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने के लिए विशेष वाहनों की व्यवस्था की गई है।

कल पहले सेशन की बैठकें
जी-20 सम्मेलन के पहले दिन यानी शनिवार को जलवायु परिवर्तन, वित्तीय, हरित और प्रौद्योगिकी क्रांति व ऊर्जा क्षेत्रों पर सभी देशों के बीच आपसी सहमति को लेकर मंथन होगा। बैठक में सभी देश अपना प्रेजेंटेशन प्रस्तुत करेंगे। बैठक के अंत में विषय के परिणाम पर आम सहमति बनाएंगे। जिस विषय पर सहमति नहीं बनेगी, उसे 19वें जी-20 के लिए पेंडिंग छोड़ दिया जाएगा।

दुल्हन की तरह सजी है दिल्ली
हवाई अड्डे से लेकर होटलों तक भारतीय संस्कृति की अद्भुत तस्वीरें पेश की गईं। पारंपरिक पोशाक पहनकर कलाकार विभिन्न तरह के कार्यक्रम पेश करते दिखे। विदेशी मेहमान उनके साथ सेल्फी भी लेते दिखे। पूरी दिल्ली को सुरक्षा किले में भेदा हुआ है। जमीन से लेकर आकाश तक सुरक्षा का ऐसा पहरा है कि परिंदा भी पर न मार पाए। तमाम सुरक्षा एजेंसियां सख्त सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर चाक-चौबंद हैं।

प्रधानमंत्री का मंत्रियों को आदेश, विदेशी मेहमानों की खातिरदारी में लगें

प्रधानमंत्री ने सभी केंद्रीय मंत्रियों को आदेश दिए हैं कि सम्मेलन के दौरान सभी मंत्री दिल्ली में रहें। वह जी-20 बैठक पर ध्यान न दें, बल्कि विदेशी मेहमानों की खातिरदारी में लगे रहें। विदेशी मेहमानों की हर जरूरत को पूरा करने की जिम्मेदारी मंत्रियों पर सौंपी गई है।

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