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जांच के बहाने उत्पीड़न का आरोप… ईडी, एसआईटी के खिलाफ मनपा कर्मचारियों ने किया जोरदार प्रदर्शन

अपमानजनक जांच तुरंत बंद करने की मांग

सामना संवाददाता / मुंबई
कोरोना काल में अपनी जान जोखिम में डालकर लाखों मुंबईकरों की जान बचानेवाले मनपा के कर्मचारियों एवं अधिकारियों को अब ईडी, एसआईटी द्वारा परेशान किया जा रहा है। ईडी और एसआईटी जांच के कारण इन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समाज में शर्मिंदा होना पड़ रहा है और उन्हें काफी मानसिक उत्पीड़न सहना पड़ रहा है।
इसके अलावा राज्य सरकार अब कर्मचारियों पर हमले रोकने वाली धारा ३३२ और ३५३ को खत्म करने की तैयारी दरशा रही है तो अन्य कई मांगें पिछले कई वर्षों से प्रलंबित भी हैं। राज्य सरकार और मनपा की इस कामगार विरोधी नीति के खिलाफ कल हजारों कर्मचारियों ने आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन किया। इस जोरदार विरोध प्रदर्शन का आयोजन मुंबई मनपा कर्मचारी संघ की समन्वय समिति ने किया था।
मार्च २०२२ में मुंबई में कोरोना के प्रसार के बाद किए गए लॉकडाउन में जब सभी प्रणालियों का काम बंद हो गया, तो मुंबई की जनता को सुविधाएं प्रदान करने के लिए मनपा के सवा लाख स्थायी कर्मचारी और लगभग ३० हजार कांट्रेक्ट कर्मचारी काम पर तैनात थे। जब आए दिन कोरोना से मौतें हो रही थीं, तब मनपा के कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे थे। ये कर्मचारी जनता की सेवा के लिए २४ घंटे काम कर रहे थे। मुंबईकरों की जान बचाने में मनपा के कुल ३५० कर्मचारियों और अधिकारियों को अपनी जान गंवानी पड़ी।

इस आपदा में मुंबईकरो को बचाने के लिए मनपा के अधिकारियों ने विशेषाधिकार पर कई चीजें खरीदीं और आपातकालीन समय के लिए आवश्यक विभिन्न निर्णय लिए और लाखों मुंबईकरों की जान को बचाया, लेकिन अब इन्हें ईडी और एसआईटी की जांच की आड़ में फंसाया जा रहा है। कामगार यूनियन का आरोप है कि सरकार ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर जांच एजेंसियों के सहारे दबाव बना रही है। इससे कर्मचारियों-अधिकारियों को भारी मानसिक पीड़ा हो रही है, जिसके चलते उन्हें काम करना मुश्किल हो गया है।
सरकार की कामगार विरोधी नीति के खिलाफ में हजारों कर्मचारियों ने आजाद मैदान में धरना दिया। मुंबई मनपा कामगार संघ समन्वय समिति के प्रतिनिधि मंडल की ओर से उप मुख्यमंत्री अजीत पवार, मनपा आयुक्त-प्रशासक इकबाल सिंह चहल को ज्ञापन दिया गया है। आंदोलन के मौके पर समन्वय समिति के अध्यक्ष बाबा कदम, एडवोकेट. महाबल शेट्टी, वामन कविस्कर, अशोक जाधव, सत्यवान जावकर, एड. प्रकाश देवदास, बी.सी. सालवी, दिवाकर दलवी, शेषराव राठौड़, संजीवन पवार, के. पी. नाईक, साईनाथ राज्याध्यक्ष, शरद सिंह सहित मनपा संगठन, कर्मचारी, अधिकारी आदि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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