मुख्यपृष्ठसमाचारचीन सीमा पर तनातनी के बीच लद्दाख के थोईस में सिविलियन एयरपोर्ट...

चीन सीमा पर तनातनी के बीच लद्दाख के थोईस में सिविलियन एयरपोर्ट की तैयारी… निविदा जारी हुई

सुरेश एस डुग्गर / जम्मू

ऐसे में जबकि लद्दाख सेक्टर में चीन सीमा पर तनातनी का माहौल चार साल पूरे करने जा रहा है, भारत सरकार ने सियाचिन हिमखंड के बेस कैंप थोईस में अब एक सिविलियन एयरपोर्ट बनाने की पूरी तैयारी कर ली है। इसकी खातिर निविदा भी जारी कर दी गई है। यह लद्दाख का दूसरा नागरिक हवाई अड्डा होगा।
अधिकारियों के मुताबिक, हालांकि इस हवाई अड्डे को बनाने की घोषणा 5 मई 2020 को चीनी सेना द्वारा लद्दाख में कई किमी भारतीय भूभाग पर कब्जा कर लिए जाने की घटना के करीब एक साल बाद की गई थी, तब लद्दाख में चार नए नागरिक हवाई अड्डे और 37 हेलिपैड बनाने की घोषणा के साथ ही चीन सीमा पर एलओसी से सटे इलाकों में भी सैनिक हवाई अड्डों को उन्नत करने की घोषणा ने चीन की त्यौरियां चढ़ां दी थीं।
जानकारी के लिए बता दूं कि जिस नुब्रा वैली के थोईस में लद्दाख के दूसरे नागरिक हवाई अड्डे के लिए टेंडर जारी किए गए हैं, वह चीन से सटी एलएसी से करीब 300 किमी की दूरी पर हैं पर यह उस सियाचिन हिमखंड के बेस कैंप में जरूर है, जो पाकिस्तान के साथ कई बार युद्ध का कारण बन चुका है और जो दुनिया का सबसे ऊंचाई वाला युद्ध क्षेत्र है।
मिलने वाली जानकारी के मुताबिक, करीब 130 करोड़ की लागत से बनने वाला थोईस का नागरिक हवाई अड्डा 5300 वर्ग मीटर में फैला होगा। जो पूरी तरह से वातानुकूलित होगा। हालांकि, थोईस में पहले से ही एक सैनिक हवाई अड्डा है पर नुब्रा में पर्यटकों की आमद और पाकिस्तानी सेना की आपत्तियों के बावजूद सियाचिन हिमखंड को पर्यटकों के लिए खोले जाने के बाद लद्दाख में एक नागरिक हवाई अड्डे की जरूरत महसूस की जा रही थी। लेह से थोईस की दूरी 140 किमी के करीब है।
इतना जरूर है कि सियाचिन हिमखंड को नागरिक पर्यटन के लिए कब का खोला जा चुका है, पर अभी भी यह उतने पर्यटकों को आकर्षित नहीं कर पाया है, जितनी उम्मीद थी। पर इतना जरूर था कि नुब्रा वैली पर्यटकों को जरूर आकर्षित करती रही है।

अन्य समाचार