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एक ‘आदित्य’ ने भाजपा को किया भागने को मजबूर! आदित्य ठाकरे का जोरदार हमला, ‘सवाल पूछने पर हमलावर होना भाजपा का असली चेहरा’

सामना संवाददाता / मुंबई
छत्रपति शिवाजी महाराज हमारे भगवान हैं। उनके बाघ नख को लेकर लोगों को सही जानकारी मिले इस उद्देश्य से मैंने सरकार से कुछ सवाल पूछे, लेकिन भाजपा नेता उन्हें जवाब देने की बजाय निचले स्तर की टीका-टिप्पणी कर रहे हैं। उनसे सवाल पूछो तो हमलावर हो जाते हैं, क्या यह भाजपा की भाषा है? क्या यही उसका असली चेहरा है? यह सवाल पूछते हुए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता, विधायक आदित्य ठाकरे ने विरोधियों को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि एक ‘आदित्य’ ने भाजपा को भागने के लिए मजबूर कर दिया है।
मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री आदि मंत्रियों के विदेश दौरों और छत्रपति शिवाजी के बाघ नख को लंदन से भारत लाए जाने के मुद्दे पर आदित्य ठाकरे ने घाती सरकार को कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया है, जिससे भाजपा नेताओं का संतुलन बिगड़ने लगा है। उनके निम्न दर्जे की आलोचना की जा रही है। छत्रपति संभाजीनगर में मीडिया के समक्ष बातचीत के दौरान आदित्य ठाकरे ने गद्दार सरकार की जमकर खबर ली।
सुनिश्चित करें कि बाघ नख असली हैं!
आदित्य ठाकरे ने यह भी चेतावनी दी कि सरकार को लोगों की भावनाओं के साथ नहीं खेलना चाहिए। लोग चाहते हैं कि छत्रपति शिवाजी के बाघ नख को सिर्फ तीन साल के लिए नहीं, बल्कि स्थायी रूप से भारत लाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि एक विदेशी इतिहासकार जेम्स ग्रैंड डफ ने दावा किया है कि यह शिवाजी महाराज का बाघ का नख है, लेकिन विक्टोरिया अल्बर्ट संग्रहालय की वेबसाइट ने खुद डफ के दावे पर संदेह व्यक्त किया है। आदित्य ठाकरे ने कहा कि अगर बाघ का नख असली है तो सरकार को सबूत देना चाहिए और सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि बाघ का नख हमेशा के लिए वापस लाया जाएगा या उधार लेकर कुछ दिनों के लिए लाया जाएगा।
मुझे ‘बाल’ नाम पर गर्व है
भाजपा ने आलोचना करते हुए मेरे नाम के आगे ‘आदू बाल’ (आदित्य बालक) लगा दिया है। मुझे इस पर गर्व है। मेरे दादाजी का नाम भी ‘बाल’ था। लड़ने का रवैया हमारे खून में है, लेकिन भाजपा की भाषा से उनका अवसाद साफ दिखता है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने लोगों को दिखा दिया है कि उनकी भाषा कितनी घटिया है।
विकास कार्यों पर लगी रोक हटाएं
आदित्य ठाकरे ने कहा कि जब मैं पर्यटन मंत्री था, मैंने अजंता-वेरुल के लिए १०० करोड़ रुपए मंजूर किए थे। यदि अजंता के निकट एक छोटा-सा हवाई अड्डा बन जाए तो निश्चित ही पर्यटन बढ़ेगा। मैंने बौद्ध धर्म सर्किट को विकसित करने पर जोर दिया था, लेकिन गद्दार सरकार ने सभी विकास कार्यों को निलंबित कर दिया। आदित्य ठाकरे ने इस रोक को हटाने और जन कल्याण कार्यों के कार्यान्वयन को गति देने का भी आग्रह किया।
पप्पू ने हिलाकर रख दिया, अब आदित्य ने भागने को मजबूर किया
भाजपा नेता आदित्य ठाकरे को ‘आदू बाल’ नाम से संबोधित कर रहे हैं। उस पर आदित्य ठाकरे ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने देश में एक का नामकरण पप्पू किया था। उसने उन्हें हिलाकर रख दिया है। अब तो आदित्य ने भागने पर मजबूर किया है।

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