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मुंबई में घट सकती है इर्शालवाड़ी जैसी घटना … भू माफियाओं के अवैध खनन कार्य से पवई में पहाड़ी दरकने का भय!

•  डर के साए में जी रहे हैं स्थानीय लोग 
•  कर रहे हैं संरक्षण दीवार बनाने की मांग
सामना संवाददाता / मुंबई
तीन महीने पहले महाराष्ट्र के रायगड जिले में स्थित इर्शालवाड़ी गांव में लैंड स्लाइड से २० से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और कई घर तबाह हो गए थे, कई दिनों तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला था। अगर इर्शालवाड़ी जैसी घटना मुंबई में घटे तो सोचिए स्थिति कितनी भयावह होगी? जी हां, मुंबई के पवई इलाके में रहनेवाले लोग इस समय इसी डर के साए में जी रहे हैं। यहां स्थित पहाड़ी धीरे-धीरे दरक रही है। जिसके बाद स्थानीय लोग यहां संरक्षण दीवार बनाने की मांग कर रहे हैं।
घट सकती है बड़ी दुर्घटना 
पवई के साकी विहार तुंगा इलाके के रास्ते में स्थित पहाड़ी का भाग धीरे-धीरे खिसकने से रहिवासियों में भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तीन वर्ष पहले मनपा ने न्यू रहेजा रोड के विस्तारीकरण के दौरान पहाड़ी का आधा भाग तोड़ दिया और आधा भाग उसी तरह खड़ा है क्योंकि आधे भाग में टाटा पावर का हाइटेंशन टावर खड़ा है। इस वर्ष तेज बरसात और स्थानीय भू माफियाओं द्वारा खनन कार्य से पहाड़ की मिट्टी खिसक गई है। जो कभी भी ब़ड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। स्थानीय नागरिकों ने इसी दुर्घटना से बचने के लिए जिला प्रशासन से संरक्षण दीवार बनाने व अवैध रूप से खनन करनेवालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन को लिखा पत्र 
पवई तुंगा स्थित रहिवासियों के मुताबिक, पहाड़ी के दोनों तरफ झोपड़पट्टी व अन्य इमारतें खड़ी हैं, जिनमें सैकड़ों परिवार रहते हैं। लोग इस बात से आशंकित हैं कि अगर यहां इर्शालवाड़ी जैसी दुर्घटना होती है तो बड़ी संख्या में जानमाल का नुकसान होगा। स्थानीय लोगों ने इस खतरे से बचने के लिए जिला उपनगर प्रशासकीय कार्यालय में लिखित शिकायत कर संरक्षण दीवार की मांग की है।

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