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सरकारी अव्यवस्था की मार झेल रहे हैं आंगनवाड़ी केंद्र …३७ हजार केंद्रों पर नहीं पहुंची बिजली!

ढाई सौ करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी
धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई
महाराष्ट्र में ईडी सरकार की छत्रछाया में आंगनवाड़ी केंद्र अव्यवस्था की मार झेल रहे हैं। कई केंद्रों में साफ-सफाई का अभाव है तो ३७ हजार से अधिक में उजाला ही नहीं है। आंगनवाड़ी केंद्रों में बिजली न होने से इसका सीधे असर बच्चों पर पड़ रहा है। फिलहाल, अपनी इस भूल को सुधारने के लिए ईडी सरकार नई योजना का क्रियान्वयन करते हुए सौर ऊर्जा लगाने जा रही है। इसकी मदद से आंगनवाड़ी केंद्रों में बिजली पहुंचाने की जद्दोजहद यह सरकार कर रही है। इसके लिए करीब ढाई सौ करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में इस समय ९६,००० आंगनवाड़ी केंद्र हैं, जिसमें से १३,००० मिनी आंगनवाड़ियां हैं, जिन्हें उन्नत कर आंगनवाड़ी का दर्जा देने का कार्य किया जा रहा है। ऐसे में आनेवाले समय में प्रदेश में १.१० लाख आंगनवाड़ियां हो जाएंगी। दूसरी तरफ ये आंगनवाड़ियां शून्य से छह वर्ष के ५८ लाख बच्चों और लगभग १० लाख स्तनपान करानेवाली माताओं के साथ ही गर्भवती महिलाओं को पोषण आहार प्रदान करती हैं। इनमें कार्यरत लगभग दो लाख आंगनवाड़ी सेविकाएं और सहायिकाएं बच्चों व महिलाओं को पोषण आहार देने के साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण और टीकाकरण का कार्य भी करती हैं।
बिजली की है कमी
बिजली की कमी के कारण लगभग ३६,९७८ आंगनवाड़ियों में बिजली की आपूर्ति नहीं हुई है। इस मामले को ध्यान में रखते हुए महिला व बाल विकास विभाग की मंत्री अदिति तटकरे, सचिव अनूपकुमार यादव और आयुक्त रूबल अग्रवाल के साथ ही संबंधित अधिकारियों की हाल ही में एक बैठक हुई, जिसमें इन सभी आंगनवाड़ियों में सौर ऊर्जा बिठाने का निर्णय लिया गया है।

हड़ताल से पड़ रहा असर
वेतन बढ़ोतरी समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंगनवाड़ी सेविकाएं और सहायिकाएं पिछले ४७ दिनों से हड़ताल पर हैं। इस हड़ताल से आंगनवाड़ी के बच्चों और महिलाओं पर भारी असर पड़ रहा है। आंगनवाड़ी सेविकाओं के संगठनों ने पर्याप्त सुविधाएं दिलाने, किराए में वृद्धि और मोबाइल फोन सहित कई मांगें की हैं, लेकिन ईडी सरकार उनकी मांगों को अनदेखी कर रही है। फिलहाल, आयुक्त रूबल अग्रवाल ने आंगनवाड़ी सेविकाओं से अपनी जिम्मेदारी समझने और हड़ताल वापस लेने की अपील की है। हालांकि, सेविकाएं अपनी जिद पर अड़ी हुई हैं और आज दादर खोदाद सर्कल से वडाला के विठोबा रखुमाई मंदिर तक यात्रा निकलेंगी।

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