मुख्यपृष्ठसमाचारसरकार के खिलाफ सिखों में रोष!

सरकार के खिलाफ सिखों में रोष!

– तख्त सचखंड हजूर अबचलनगर साहिब से जुड़े एक्ट में संशोधन से नाराजगी

-एसजीपीसी ने सड़क पर उतरकर जताया विरोध, प्रधान वकील भी हुए शामिल

सामना संवाददाता / मुंबई

महाराष्ट्र सरकार द्वारा नांदेड़ स्थित तख्त सचखंड हजूर अबचलनगर साहिब से जुड़े एक्ट में संशोधन करने के बाद सिख समुदाय भड़क गया है और विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। तख्त सचखंड हजूर अबचलनगर साहिब नांदेड़ संशोधन एक्ट के खिलाफ संगत और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) इस संसोधन के खिलाफ सड़क पर उतर आई है। विरोध जताते हुए ‘रोष मार्च’ निकाला गया जो नांदेड़ गुरुद्वारे से नांदेड़ डीसी कार्यालय तक गया। बताया जाता है कि इस रोष मार्च प्रदर्शन में भाग लेने के लिए एसजीपीसी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी भी नांदेड़ पहुंच गए हैं।
क्या है विवाद?
सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार ने तख्त हजूर साहिब प्रबंधक बोर्ड नांदेड अधिनियम में संशोधन किया है। संसोधन के तहत मनोनीत सदस्यों की संख्या को बढ़ा दिया गया है। वहीं, प्रबंधकीय बोर्ड में एसजीपीसी के सदस्यों की चार से घटाकर दो कर दी गई है। मौजूदा बोर्ड में कुल सदस्यों की संख्या १७ होगी। इनमें १२ सदस्य सरकार मनोनीत करेगी। वहीं, दो सदस्य एसजीपीसी से मनोनीत होंगे। अन्य तीन सदस्यों का चयन चुनाव प्रक्रिया से होगा। पहले सरकार से मनोनीत होने वाले सदस्यों की संख्या सात थी। इसके साथ ही सिख संस्था चीफ खालसा दीवान से सदस्य मनोनीत करने का अधिकार भी छीन लिया गया है।
नांदेड़ गुरुद्वारा एक्ट १९५६ का उल्लंघन
इस संसोधन को लेकर एसजीपीसी का कहना है कि महाराष्ट्र सरकार की वैâबिनेट का तख्त हजूर साहिब प्रबंधक बोर्ड अधिनियम में संशोधन सिख गुरुद्वारों की व्यवस्था में सीधा हस्ताक्षेप है। तख्त श्री हजूर साहिब नांदेड़ गुरुद्वारा मैनेजमेंट बोर्ड में सिख संगठनों के सदस्यों की संख्या कम करने के महाराष्ट्र सरकार के पैâसले पर एसजीपीसी ने ऐतराज जताया है। एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार की यह कार्रवाई बहुत दुखद और निंदनीय है।

अन्य समाचार