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नाराज हैं बच्चे! … ५ महीने में ८४ बच्चे घर से भागे

• ठाणे पुलिस ने परिजनों से मिलवाया
• बच्चों को मार्गदर्शन की जरूरत
सामना संवाददाता / ठाणे
छोटे-छोटे कारणों से आजकल बच्चे घर छोड़कर भाग जा रहे हैं। परिवार द्वारा बच्चों की मांग पूरी नहीं होना इसकी वजह बताई जा रही है। खासकर ११ से १६ वर्ष के बच्चों के घरों से भागने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ठाणे पुलिस आयुक्तालय द्वारा मिली जानकारी के अनुसार पिछले पांच महीनों में ठाणे पुलिस की बाल सुरक्षा इकाई ने ३६ लड़कों और ४८ लड़कियों सहित कुल ८४ बच्चों का पता लगाया और उन्हें उनके माता-पिता से मिलवाया है। इन सभी बच्चों की उम्र १८ साल से कम है और १२ से १६ साल के आयु वर्ग के बच्चों की संख्या अधिक है।

बता दें कि माता-पिता से नाराज होकर नाबालिग बच्चे घर छोड़कर जा रहे हैं ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। कई बार बच्चे छोटे-छोटे कारणों से भी घर से भाग कर चले जाते हैं। उत्तर प्रदेश से एक लड़की इसलिए घर से भागकर ठाणे आ गई क्योंकि उसकी मां ने उसे खाना बनाने के लिए कहा था। इस बीच भिवंडी का एक नाबालिग लड़का भी घर से भाग गया था, जो गुजरात में मिला। इस लड़के के बारे में सूचना मिलने के बाद ठाणे पुलिस ने उसके माता-पिता की तलाश की और उसे उसके परिजनों से मिलवाया।

ठाणे पुलिस की बाल संरक्षण इकाई द्वारा लापता बच्चों के साथ उनके माता-पिता का पता लगाया जा रहा है और बच्चों को उनके माता-पिता को सौंप दिया जा रहा है। यह इकाई अब तक कई बच्चों को उनके माता-पिता के पास भेज चुकी है।

जनवरी से मई तक पांच महीने की अवधि के दौरान, १८ वर्ष से कम आयु के कुल ८४ बच्चों का पता लगाया गया और उन्हें उनके माता-पिता को सौंप दिया गया। इनमें ३६ लड़के और ४८ लड़कियां शामिल हैं। खोजे गए बच्चों में ७ वर्ष की आयु के ७ लड़के, ७ लड़कियां, ७ से १२ वर्ष की आयु के ११ लड़के, १२ से १६ वर्ष की आयु के ४ लड़कियां, १५ लड़के और २५ लड़कियां शामिल हैं। १६ से १८ वर्ष की आयु के ३ लड़के और १२ लड़कियां। कुछ बाल मजदूरों को पिछले महीने रिहा भी किया गया था।

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