मुख्यपृष्ठनए समाचारमहंगाई का एक और बम फूटेगा!... कमर्शियल गैस सिलिंडर में ₹२०९ की...

महंगाई का एक और बम फूटेगा!… कमर्शियल गैस सिलिंडर में ₹२०९ की वृद्धि

-जेट फ्यूल में ५ फीसदी की बढ़ोतरी

सामना संवाददाता / मुंबई

ऐन फेस्टिव सीजन के पहले महंगाई का एक और बम फूटेगा है। पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों ने एक आम हिंदुस्थानी का खाना-पीना और सैर-सपाटा सब कुछ महंगा कर दिया है। ऑइल मार्केटिंग कंपनियों ने १९ किलो वाले कॉमर्शियल एलपीजी गैस सिलिंडर की कीमतों में २०९ रुपए तक का इजाफा करने का पैâसला किया है। अब इस सिलिंडर की कीमत दिल्ली में १,५२२.५० रुपए से बढ़कर १,७३१.५० और मुंबई में इसकी कीमत १,७०० रुपए के करीब हो जाएगी। इसका सीधा-सीधा असर आम आदमी की जेब पर भी पड़ेगा। होटल-रेस्टोरेंट और ढाबों में अब चाय से लेकर खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ जाएंगे।
दूसरी ओर जेट फ्यूल की कीमतों में ५ फीसदी इजाफे से हवाई उड़ान भी महंगी हो जाएगी। गौरतलब है कि जुलाई के बाद जेट फ्यूल की कीमतों में यह लगातार चौथी दफा वृद्धि हुई है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, एलपीजी की कीमतों में पिछले ८ सालों में १०० फीसदी से अधिक का इजाफा हुआ है। हिंदुस्थानी दुनिया में सबसे महंगी एलपीजी खरीद रहे हैं। एक औसत हिंदुस्थानी के लिए हिंदुस्थान में एक लीटर पेट्रोल खरीदना उसके एक दिन की आय का चौथाई हिस्सा हो सकता है। लेकिन यह बात भाजपा की तेज-तर्रार नेता स्मृति ईरानी, जो कभी ‘बहू’ थी आजकल बिल्कुल नहीं समझ पाती हैं। वे यूपीए के शासनकाल में गैस की कीमतों में थोड़ी सी भी वृद्धि पर आग बरसाती हुई सड़कों पर उतर आती थीं। उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को चूड़ियां तक भेजने में गुरेज नहीं किया था।
मजाक बनी ‘उज्ज्वला’
२०१६ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना बनी उज्ज्वला योजना गरीबों के लिए मजाक बन चुकी है। सिलिंडर भले ही मुफ्त में दिया गया पर बाद में महंगा सिलिंडर लेना गरीबों के बस में नहीं रहा। आरटीआई द्वारा मिली जानकारी के अनुसार उज्ज्वला योजना के तहत वितरित ९० लाख गैस सिलिडरों में दोबारा गैस भरी ही नहीं गई और एक करोड़ सिलिंडर में गैस सिर्फ एक ही बार भरी गई। २२ राज्यों में की गई पड़ताल से पता चला है कि ५ सालों में स्वास्थ्य और आरोग्यवर्धक तरीके से रसोई बनाने वाली महिलाओं की संख्या में सिर्फ २० फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। लेकिन तेल कंपनियों द्वारा प्रस्तुत आंकड़े मोदी सरकार के आंकड़ों की पोल खोल कर रख देते हैं।
हवाई यात्रा काटने लगी है जेब
जहां तक हवाई यात्रा की कीमतों में इजाफे की बात है तो उसे जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतें प्रमुख कारण हैं। लेकिन मोदी सरकार द्वारा एयरपोर्ट को निजी हाथों में सौंप जाने के फैसले भी कारण है। उदाहरण के लिए लखनऊ एयरपोर्ट के यूजर डेवलपमेंट फीस में इजाफा करने के लिए अदानी ग्रुप ने तीन चरणों में अमौसी एयरपोर्ट पर यूडीएफ फीस बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा था, जबकि अगस्त में संसदीय समिति ने हवाई यात्रा के दामों को किफायती बनाने पर जोर दिया था।

अन्य समाचार