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अंतर्वेग : प्रॉपर्टी व नौकरी के लिए भाई बना कसाई …बहनों को पिलाया `सूपी’ जहर!

नागमणि पांडेय

वन विभाग में तैनात पिता की मौत के बाद नौकरी पाने और प्रॉपर्टी अपने नाम करवाने के लिए भाई द्वारा दो बहनों को सूप में जहर देकर हत्या किए जाने का मामला रायगड के रेवदंडा में सामने आया है। विशेष बात ये है कि आरोपी भाई ने पहले मोबाइल पर जहर की जानकारी सर्च करने के बाद बहन को अपने रिश्तेदार के यहां ले गया। वहां उसने बहनों को सूपी जहर देकर फरार हो गया। पुलिस ने जांच करते हुए आरोपी भाई को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने गणेश मोहिते (बदला हुआ नाम) के खिलाफ अपने दो बहनों की हत्या करने का मामला दर्ज किया है। आरोपी गणेश मोहिते के पिता पालघर वन विभाग में क्लर्क के तौर पर कार्यरत थे। पिता की मौत के बाद वो क्लर्क के रूप में उनके उत्तराधिकारी बनने की कोशिश में था। इधर, पिता की मृत्यु के बाद उसकी दो अविवाहित बहनों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद था, जिससे गणेश नाराज था। यही कारण है कि उसने उन्हें हमेशा के लिए अलग करने का फैसला किया। फिल्म `दृश्यम’ देखने के बाद उससे आइडिया लेकर उसने बहनों की हत्या की साजिश रची। प्लान के अनुसार गणेश १५ अक्टूबर को अपने परिवार को एक नवरात्रि कार्यक्रम में ले गया। वह जानता था कि अगर उसने पालघर में ही बहनों की हत्या कर दी तो उस पर शक किया जाएगा। इसीलिए वो रायगड के रेवदंडा अपने रिश्तेदार के यहां गया। वहां पर उसने अपनी बहनों के लिए सूप बनाया और उसमें जहर मिलाकर उन्हें पिला दिया। इसके बाद वह नवरात्रि कार्यक्रम में जाने के बहाने भाग गया। थोड़ी देर बाद उसकी बहनों का फोन आया, उन्होंने गणेश को बताया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। लेकिन वह नवरात्रि के लिए बाहर होने का बहाना बनाकर बहुत देर से घर लौटा। इसके बाद दोनों को सिविल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन १७ अक्टूबर को उसकी एक बहन की मौत हो गई। दूसरी बहन की हालत खराब होने पर उसे कामोठे के एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया। २० अक्टूबर को उसकी भी मृत्यु हो गई, जिससे परिवार तबाह हो गया। गणेश ने यह कहानी अपनी मां के दिमाग में बैठा दी और आरोप लगाया कि जिस रिश्तेदार से संपत्ति को लेकर विवाद था, उसी ने दोनों बहनों को पानी में जहर दे दिया है।
पुलिस ने खोल दी पोल
इस मामले में रेवदंडा पुलिस ने एडीआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी।जब रिश्तेदार से दोनों की मौत के संबंध में पूछताछ की तो उसने साफ कह दिया कि उसने ऐसा कुछ नहीं किया है। उन्होंने कहा कि घर के बाहर सीसीटीवी भी लगा है। पुलिस ने जब इसकी फुटेज चेक की तो साफ हुआ कि पानी में कुछ भी नहीं मिलाया गया है। इसके बाद पुलिस को कुछ संदेह हुआ। पुलिस ने गणेश का फोन लेकर चेक किया तो पता चला कि मोबाइल में जहर के बारे में ५३ बार नेट पर सर्च किया गया था। पुलिस ने पाया कि जहर, मीठा जहर, कम गंध वाला जहर और जहर खाने के बाद मरने में कितना समय लगा, इस पर खोज की गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी गणेश को हिरासत में लिया। पूछताछ में गणेश ने बताया कि उसके पिता वन विभाग में क्लर्क थे। एक दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद उनकी जगह पर नौकरी करने को लेकर परिवार में विवाद हो गया। आरोपी गणेश अपनी बहनों की वजह से परेशान था, उसे अपनी सारी सैलरी उन पर खर्च करनी पड़ती थी। उसे डर था कि बहनें अपने पिता की संपत्ति पर भी दावा करेंगी इसीलिए उसने बहनों को मार डाला।

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