मुख्यपृष्ठनए समाचारअंतर्वेग: मां के पत्र ने बेटे के हत्यारों को पहुंचाया हवालात!

अंतर्वेग: मां के पत्र ने बेटे के हत्यारों को पहुंचाया हवालात!

नागमणि पांडेय

मां ममतामयी होती हैं। बेटे को कोई तकलीफ हो तो मां उसे तुरंत भांप लेती है। इसके बाद तकलीफ को दूर करने में जुट जाती है। लेकिन उसी मां का स्वस्थ और तंदरुस्त बेटे की अगर अचानक मौत हो जाए तो क्या होगा। मायानगरी मुंबई के उपनगर कांदिवली के एक अस्पताल में बेटे की मौत के बाद मां ने हत्या का संदेह व्यक्त करते हुए मुंबई पुलिस को पत्र लिखा। इसी पत्र के आधार पर जब मुंबई पुलिस ने बंद फाइल की जांच करना शुरू किया तो यह महज एक मौत नहीं, बल्कि हत्या होने का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया।
मूल रूप से बिहार के रहने वाले ४५ वर्षीय कुमोद झा मुंबई के कांदिवली में अपनी पत्नी के साथ रह रहे थे। २७ अप्रैल २०१५ को अचानक शताब्दी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। इस मामले में पहले तो कांदिवली पुलिस ने महज एडीआर दर्ज किया था। इस मौत की जानकारी बिहार में रहने वाली कुमोद की मां को मिली तो वो पूरी तरह से सन्न रह गर्इं। कुमोद की मां ने बिहार से मुंबई पुलिस को मेल के माध्यम से एक पत्र लिख कर अपने बेटे की हत्या किए जाने का संदेह जताया। यह मेल मुंबई पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम) अतुलचंद कुलकर्णी को मिला। मेल के माध्यम से मां ने बेटे के मौत की जांच करने का निवेदन किया था।
इसके बाद संयुक्त पुलिस आयुक्त अतुलचंद कुलकर्णी ने मामले की जांच की जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच यूनिट ११ को सौंपी। इस मामले में क्राइम ब्रांच यूनिट -११ के अधिकारी सबसे पहले कांदिवली स्थित शताब्दी अस्पताल में गए, जहां कुमोद की मौत हुई थी। अस्पताल से पुलिस को जानकारी मिली कि कुमोद की मौत मार लगने से हुई है। इसके बाद पुलिस का भी संदेह बढ़ने लगा कि कुमोद की हत्या की गई। सबसे पहले पुलिस टीम ने कुमोद की पत्नी और उसके दोस्तों से पूछताछ की। उन्होंने पुलिस को बताया कि २६ अप्रैल की देर रात १ बजे के करीब कुमोद और उसके दोस्त मयूर थिएटर के पास सुभाष लेन पर स्थित बार में शराब पीने गए थे। बार में शराब पीते समय उन लोगों ने बगल के टेबल पर बैठे युवक को सिगरेट पीने से मना किया तो विवाद हुआ था। इसके बाद जब कुमोद बाहर निकला तो उन युवकों से मारपीट हुई थी, जिससे कुमोद गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद उसके दोस्तों ने कुमोद को उपचार के लिए कांदिवली के शताब्दी अस्पताल में भर्ती किया था। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
ये जानकारी मिलने के बाद क्राइम ब्रांच यूनिट ११ के पुलिस निरीक्षक नवनाथ सोनावने ने कांदिवली पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुट गए। इसके लिए पुलिस ने घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी वैâमरे की भी जांच किया, जिससे आरोपियों की पहचान हो गई। फोटोज के आधार पर हार्दिक विजय वजे (२५), जितेश रमेश राठोड़ उर्फ पप्पी (३२), अमित वैâलाश पटेल (२८) और विनोद राजू जैन (२८) को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में से जितेश रमेश राठोड़ उर्पâ पप्पी अपराधी पृष्ठभूमि का है। उसके ऊपर कई आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। आखिरकार, मामूली एक एडीआर दर्ज कर मामले की फाइल बंद कर चुकी पुलिस ने एक मां के पत्र के माध्यम से बेटे की हत्या का राज खोलते हुए आरोपियों को हवालात पंहुचा दिया है।

अन्य समाचार